📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Environment, Forest and Climate Change
कृषि
केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने गुजरात में मैंग्रोव जीआईएस पोर्टल का शुभारंभ, संरक्षण कार्यों की समीक्षा की
✍️ DD India
🗓 13 सित. 2026, 11:36 PM
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केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने गुजरात के मैंग्रोव संरक्षण कार्यों का निरीक्षण किया और राज्य के मैंग्रोव क्षेत्रों को मानचित्रित करने के लिए जीआईएस पोर्टल का शुभारंभ किया।
केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने गुजरात का दौरा कर राज्य के मैंग्रोव संरक्षण कार्यक्रमों की प्रगति का मूल्यांकन किया। उन्होंने तटीय सुरक्षा, जैव विविधता संरक्षण और कार्बन अवशोषण में मैंग्रोव की महत्त्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला।
मंत्री ने आधिकारिक तौर पर एक जियोग्राफिक इन्फॉर्मेशन सिस्टम (जीआईएस) पोर्टल का शुभारंभ किया, जो गुजरात के मैंग्रोव वन क्षेत्रों के स्थान, स्वास्थ्य और विस्तार की वास्तविक‑समय जानकारी प्रदान करेगा। यह पोर्टल वन अधिकारियों, शोधकर्ताओं और नीति निर्माताओं को पुनर्स्थापना परियोजनाओं की योजना बनाने और अवैध अतिक्रमण की निगरानी में मदद करेगा।
राज्य के अधिकारियों ने बताया कि यह डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म उपग्रह छवियों को जमीनी सर्वेक्षणों के साथ जोड़कर अधिक सटीक निगरानी और प्रदूषण या अनियंत्रित विकास जैसी खतरों पर तेज़ प्रतिक्रिया संभव बनाएगा। इस लॉन्च से तकनीक‑आधारित पर्यावरण प्रबंधन के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता स्पष्ट होती है।
भूपेंद्र यादव ने स्थानीय समुदायों और सभी हितधारकों से इस नई प्रणाली के साथ सहयोग करने का आग्रह किया, यह कहते हुए कि सतत मैंग्रोव प्रबंधन तटीय जनसंख्या की आजीविका और जलवायु‑संबंधी जोखिमों को कम करने के लिए अत्यावश्यक है।
मंत्री ने आधिकारिक तौर पर एक जियोग्राफिक इन्फॉर्मेशन सिस्टम (जीआईएस) पोर्टल का शुभारंभ किया, जो गुजरात के मैंग्रोव वन क्षेत्रों के स्थान, स्वास्थ्य और विस्तार की वास्तविक‑समय जानकारी प्रदान करेगा। यह पोर्टल वन अधिकारियों, शोधकर्ताओं और नीति निर्माताओं को पुनर्स्थापना परियोजनाओं की योजना बनाने और अवैध अतिक्रमण की निगरानी में मदद करेगा।
राज्य के अधिकारियों ने बताया कि यह डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म उपग्रह छवियों को जमीनी सर्वेक्षणों के साथ जोड़कर अधिक सटीक निगरानी और प्रदूषण या अनियंत्रित विकास जैसी खतरों पर तेज़ प्रतिक्रिया संभव बनाएगा। इस लॉन्च से तकनीक‑आधारित पर्यावरण प्रबंधन के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता स्पष्ट होती है।
भूपेंद्र यादव ने स्थानीय समुदायों और सभी हितधारकों से इस नई प्रणाली के साथ सहयोग करने का आग्रह किया, यह कहते हुए कि सतत मैंग्रोव प्रबंधन तटीय जनसंख्या की आजीविका और जलवायु‑संबंधी जोखिमों को कम करने के लिए अत्यावश्यक है।