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खर्राटों को समझना: कारण और तंत्र की व्याख्या
📷 चित्र स्रोत: Saachi Baat (via NewsData)
टेक्नोलॉजी

खर्राटों को समझना: कारण और तंत्र की व्याख्या

✍️ Saachi Baat 🗓 24 जून 2026, 07:01 AM 👁 33
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खर्राटे, नींद के दौरान होने वाली शोर भरी सांस, मुख्य रूप से वायुमार्ग में कंपन के कारण होती है। बढ़े हुए टॉन्सिल, नाक की संरचना और गर्दन के आसपास की चर्बी जैसे कारक इस आम नींद की समस्या में योगदान करते हैं।

खर्राटे, जो नींद के दौरान सुनाई देने वाली सांस के रूप में पहचानी जाती है, वायुमार्ग के ऊतकों में कंपन के कारण होती है। कई शारीरिक कारक इस स्थिति को जन्म दे सकते हैं, जिससे यह कई व्यक्तियों और उनके नींद के साथियों के लिए एक आम चिंता का विषय बन जाती है।

खर्राटों के प्रमुख कारणों में बढ़े हुए टॉन्सिल शामिल हैं, जो वायु प्रवाह में बाधा डाल सकते हैं। व्यक्ति की नाक की विशिष्ट संरचना भी एक भूमिका निभाती है, जो हवा के लिए मार्ग को संभावित रूप से संकीर्ण कर सकती है। इसके अतिरिक्त, गर्दन के आसपास अतिरिक्त वजन वायुमार्ग को संकुचित कर सकता है।

नींद के दौरान, शरीर की मांसपेशियां स्वाभाविक रूप से शिथिल हो जाती हैं। यह शिथिलता गले को संकीर्ण कर सकती है, कभी-कभी आंशिक रूप से बंद हो जाती है और खर्राटों की विशिष्ट ध्वनि को जन्म देती है। यह संकुचन हवा के गुजरने पर ऊतक कंपन की संभावना को बढ़ाता है।
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