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उन्नाव: जर्जर मकान ढहने से परिवार खुले में रहने को मजबूर, गृहस्थी का सामान मलबे में तब्दील
उन्नाव के असोहा विकासखंड के सेमरी गांव में बीती रात एक कच्चा मकान अचानक ढह गया। गनीमत रही कि परिवार के सभी सदस्य सुरक्षित बाहर निकल आए, लेकिन उनका घर और सारा सामान मलबे में दब गया है।
उन्नाव जिले के असोहा विकासखंड के सेमरी गांव में बीती रात एक हृदय विदारक घटना हुई, जब संजू देवी नामक महिला का कच्चा मकान अचानक ढह गया। पीड़ित महिला के अनुसार, मकान काफी समय से जर्जर हालत में था और रात के अंधेरे में अचानक गिर पड़ा।
मकान गिरने की आवाज सुनकर परिवार के सदस्य चीख पुकार करने लगे। हालांकि, गनीमत रही कि दीवारें गिरते देख परिवार के सभी सदस्य तुरंत बाहर की ओर भागने में सफल रहे, जिससे किसी भी सदस्य को चोट नहीं आई और जान बच गई।
इस हादसे ने संजू देवी के परिवार को पूरी तरह से बेघर कर दिया है। उन्होंने बताया कि उनके पास रहने के लिए यही एकमात्र ठिकाना था, जो अब मलबे के ढेर में तब्दील हो चुका है। घर में रखा राशन, कपड़े और गृहस्थी का सारा सामान भी मलबे में दबकर पूरी तरह बर्बाद हो गया है।
वर्तमान में, पूरा परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर है। पीड़ित परिवार ने सरकार से मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान उपलब्ध कराने की गुहार लगाई है, ताकि उन्हें सिर छिपाने के लिए एक सुरक्षित आश्रय मिल सके।
मकान गिरने की आवाज सुनकर परिवार के सदस्य चीख पुकार करने लगे। हालांकि, गनीमत रही कि दीवारें गिरते देख परिवार के सभी सदस्य तुरंत बाहर की ओर भागने में सफल रहे, जिससे किसी भी सदस्य को चोट नहीं आई और जान बच गई।
इस हादसे ने संजू देवी के परिवार को पूरी तरह से बेघर कर दिया है। उन्होंने बताया कि उनके पास रहने के लिए यही एकमात्र ठिकाना था, जो अब मलबे के ढेर में तब्दील हो चुका है। घर में रखा राशन, कपड़े और गृहस्थी का सारा सामान भी मलबे में दबकर पूरी तरह बर्बाद हो गया है।
वर्तमान में, पूरा परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर है। पीड़ित परिवार ने सरकार से मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान उपलब्ध कराने की गुहार लगाई है, ताकि उन्हें सिर छिपाने के लिए एक सुरक्षित आश्रय मिल सके।