📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Yann
राजनीति
उमा भारती ने अमित शाह की नशामुक्त एमपी योजना में शराब प्रतिबंध को पहला चरण बनाने की माँग की
✍️ Amar Ujala · Bhopal
🗓 04 अक्टू. 2026, 05:30 PM
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पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने अमित शाह की नशामुक्त एमपी योजना के पहले चरण में शराब प्रतिबंध को लागू करने की मांग की।
नई दिल्ली – केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मध्य प्रदेश को नशामुक्त बनाने के लिए एक व्यापक पहल की घोषणा की, जिसमें मादक पदार्थों के तस्करी और दुरुपयोग को रोकने के लिए कई चरणों की योजना शामिल है। इस घोषणा में कड़ी निगरानी, पुनर्वास केंद्र और जन जागरूकता अभियानों को प्रमुख बिंदु बताया गया।
इन बातों पर प्रतिक्रिया स्वरूप पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने कहा कि इस योजना का पहला चरण शराब प्रतिबंध होना चाहिए। भोपाल में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने तर्क दिया कि शराब की बिक्री और उत्पादन पर प्रतिबंध लगाने से नशे की लत के खिलाफ व्यापक कदम उठाने की नींव रखी जा सकती है और सामाजिक समस्याओं में कमी आएगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उमा भारती का यह प्रस्ताव उनके दीर्घकालिक तम्बाकू‑मुक्त विचारधारा के अनुरूप है, साथ ही यह वर्तमान मध्य प्रदेश सरकार की राजनीतिक दृढ़ता को भी परखता है। राज्य सरकार ने अभी तक शराब प्रतिबंध पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है और कहा है कि वह इस प्रस्ताव की व्यवहारिकता का मूल्यांकन करेगी।
शराब उद्योग के प्रतिनिधियों ने संभावित राजस्व हानि का जिक्र किया, जबकि स्वास्थ्य संगठनों ने इस सुझाव का स्वागत किया, यह कहते हुए कि शराब प्रतिबंध से नशे की लत और उससे जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं में कमी आ सकती है। नशामुक्त योजना के अगले चरणों का विस्तृत कार्य‑योजना इस महीने के अंत में प्रस्तुत की जाने की संभावना है।
इन बातों पर प्रतिक्रिया स्वरूप पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने कहा कि इस योजना का पहला चरण शराब प्रतिबंध होना चाहिए। भोपाल में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने तर्क दिया कि शराब की बिक्री और उत्पादन पर प्रतिबंध लगाने से नशे की लत के खिलाफ व्यापक कदम उठाने की नींव रखी जा सकती है और सामाजिक समस्याओं में कमी आएगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उमा भारती का यह प्रस्ताव उनके दीर्घकालिक तम्बाकू‑मुक्त विचारधारा के अनुरूप है, साथ ही यह वर्तमान मध्य प्रदेश सरकार की राजनीतिक दृढ़ता को भी परखता है। राज्य सरकार ने अभी तक शराब प्रतिबंध पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है और कहा है कि वह इस प्रस्ताव की व्यवहारिकता का मूल्यांकन करेगी।
शराब उद्योग के प्रतिनिधियों ने संभावित राजस्व हानि का जिक्र किया, जबकि स्वास्थ्य संगठनों ने इस सुझाव का स्वागत किया, यह कहते हुए कि शराब प्रतिबंध से नशे की लत और उससे जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं में कमी आ सकती है। नशामुक्त योजना के अगले चरणों का विस्तृत कार्य‑योजना इस महीने के अंत में प्रस्तुत की जाने की संभावना है।