शिक्षा
उल्लास नवभारत साक्षरता मूल्यांकन परीक्षा में 49,000 नवसाक्षरों ने भाग लिया, मोरैना उपजेल में 20 बंदियों ने भी परीक्षा दी
मोरैना जिले में 1,887 परीक्षा केंद्रों पर लगभग 49,000 नवसाक्षरों ने उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम की मूल्यांकन परीक्षा में भाग लिया, जिसमें मोरैना उपजेल के 20 बंदियों ने भी भाग लिया।
उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत मोरैना जिले में आयोजित साक्षरता मूल्यांकन परीक्षा उत्साहपूर्वक एवं सुव्यवस्थित ढंग से सम्पन्न हुई। जिले के 1,887 परीक्षा केंद्रों पर लगभग 49,000 नवसाक्षरों ने परीक्षा में भाग लिया।
परीक्षा में 15 वर्ष से अधिक आयु के नवसाक्षरों ने सक्रिय सहभागिता दर्शाई और विभिन्न सामाजिक चेतना केंद्रों पर उनका स्वागत किया गया। विशेष रूप से मोरैना उपजेल स्थित परीक्षा केंद्र पर 20 बंदियों ने भी परीक्षा दी, जिससे शिक्षा के प्रति उनकी रुचि स्पष्ट हुई।
परीक्षा की निगरानी में राज्य शिक्षा केंद्र, भोपाल के अपर संचालक श्री अरविंद सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी श्री बी.एस. इंदौलिया, उपजेल अधीक्षक श्री सुनीत कुमार शर्मा, जिला परियोजना समन्वयक श्री हरीश तिवारी तथा जिला प्रौढ़ शिक्षा अधिकारी श्री भूपेन्द्र सिंह घुरैया सहित जिले के विकासखंड समन्वयकों ने सहयोग किया।
जिला प्रौढ़ शिक्षा अधिकारी श्री भूपेन्द्र सिंह घुरैया ने परीक्षा के सफल आयोजन में सहयोग देने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों, स्वयंसेवकों, सामाजिक चेतना केंद्रों के नोडल अधिकारियों एवं अक्षर साथियों के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम समाज के प्रत्येक नागरिक को साक्षर एवं आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
परीक्षा में 15 वर्ष से अधिक आयु के नवसाक्षरों ने सक्रिय सहभागिता दर्शाई और विभिन्न सामाजिक चेतना केंद्रों पर उनका स्वागत किया गया। विशेष रूप से मोरैना उपजेल स्थित परीक्षा केंद्र पर 20 बंदियों ने भी परीक्षा दी, जिससे शिक्षा के प्रति उनकी रुचि स्पष्ट हुई।
परीक्षा की निगरानी में राज्य शिक्षा केंद्र, भोपाल के अपर संचालक श्री अरविंद सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी श्री बी.एस. इंदौलिया, उपजेल अधीक्षक श्री सुनीत कुमार शर्मा, जिला परियोजना समन्वयक श्री हरीश तिवारी तथा जिला प्रौढ़ शिक्षा अधिकारी श्री भूपेन्द्र सिंह घुरैया सहित जिले के विकासखंड समन्वयकों ने सहयोग किया।
जिला प्रौढ़ शिक्षा अधिकारी श्री भूपेन्द्र सिंह घुरैया ने परीक्षा के सफल आयोजन में सहयोग देने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों, स्वयंसेवकों, सामाजिक चेतना केंद्रों के नोडल अधिकारियों एवं अक्षर साथियों के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम समाज के प्रत्येक नागरिक को साक्षर एवं आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।