📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Makhan1971
स्थानीय
उज्जैन के गंभीर डैम में केवल 27% जल, गर्मियों में पानी की कमी की आशंका
✍️ Amar Ujala · Ujjain
🗓 27 अक्टू. 2026, 01:16 PM
👁 17
उज्जैन के गंभीर डैम की कुल क्षमता 2,250 एमसीएफटी है, पर अब केवल 612.58 एमसीएफटी (लगभग 27 %) बचा है, जिससे गर्मियों में पेयजल संकट की चिंता बढ़ी है।
उज्जैन के पास स्थित नर्मदा नदी पर स्थित गंभीर डैम की कुल जलधारण क्षमता 2,250 मिलियन क्यूबिक फ़ुट (एमसीएफटी) है। नवीनतम माप के अनुसार जलस्तर अब केवल 612.580 एमसीएफटी रह गया है, जो पूरी क्षमता का लगभग 27 प्रतिशत है।
जैसे ही गर्मियों के महीनों का आगमन हो रहा है, पेयजल की मांग में तेज़ी से वृद्धि होगी। इस संदर्भ में सरकार ने नर्मदा जल आपूर्ति को बढ़ाने के लिए 365 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं, परन्तु डैम के घटते स्तर से इन योजनाओं पर दबाव पड़ सकता है।
स्थानीय अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि यह गिरावट जारी रही तो शहर को गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ सकता है। इसके लिए जल टैंकर, जल वितरण में रेशनिंग और लंबित जल‑परियोजनाओं को तेज़ी से पूरा करने जैसे आपातकालीन कदम उठाए जा रहे हैं।
यह स्थिति मध्य भारत में जल प्रबंधन की व्यापक चुनौती को उजागर करती है, जहाँ अनियमित मानसून और बढ़ते तापमान से मौजूदा बुनियादी ढाँचा पर दबाव बढ़ रहा है।
निवासियों से अपील की गई है कि वे जल संरक्षण को प्राथमिकता दें और उज्जैन नगर निगम द्वारा जारी किसी भी आपूर्ति संबंधी अपडेट पर ध्यान दें।
जैसे ही गर्मियों के महीनों का आगमन हो रहा है, पेयजल की मांग में तेज़ी से वृद्धि होगी। इस संदर्भ में सरकार ने नर्मदा जल आपूर्ति को बढ़ाने के लिए 365 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं, परन्तु डैम के घटते स्तर से इन योजनाओं पर दबाव पड़ सकता है।
स्थानीय अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि यह गिरावट जारी रही तो शहर को गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ सकता है। इसके लिए जल टैंकर, जल वितरण में रेशनिंग और लंबित जल‑परियोजनाओं को तेज़ी से पूरा करने जैसे आपातकालीन कदम उठाए जा रहे हैं।
यह स्थिति मध्य भारत में जल प्रबंधन की व्यापक चुनौती को उजागर करती है, जहाँ अनियमित मानसून और बढ़ते तापमान से मौजूदा बुनियादी ढाँचा पर दबाव बढ़ रहा है।
निवासियों से अपील की गई है कि वे जल संरक्षण को प्राथमिकता दें और उज्जैन नगर निगम द्वारा जारी किसी भी आपूर्ति संबंधी अपडेट पर ध्यान दें।