📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Suyash Dwivedi
धर्म
उज्जैन में तीन‑दिन का दशहरा महोत्सव: 101 फीट वाटरप्रूफ रावण दहन, ड्रोन से 500 किलोग्राम फूलों की वर्षा
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 20 अक्टू. 2026, 08:31 AM
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उज्जैन में दशहरा के अवसर पर तीन‑दिन तक विभिन्न स्थानों पर रावण दहन, 101 फीट वाटरप्रूफ रावण और ड्रोन से 500 किलोग्राम फूलों की वर्षा के साथ बाबा महाकाल की शाही सवारी आयोजित होगी।
मध्य प्रदेश के प्राचीन शहर उज्जैन ने दशहरा के अवसर पर तीन‑दिन की विस्तृत योजना घोषित की है, जिसमें शहर के विभिन्न स्थलों पर रावण दहन का आयोजन होगा। इस वर्ष का मुख्य आकर्षण 101 फीट ऊँचा, जलरोधक रावण प्रतिमा होगा, जिसे बड़े धूमधाम से जलाया जाएगा और यह दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देगा।
रावण दहन के साथ-साथ बाबा महाकाल की शाही सवारी का भी आयोजन किया जाएगा। इस पवित्र यात्रा को विशेष बनाते हुए, ड्रोन द्वारा दशहरा मैदान में लगभग 500 किलोग्राम फूलों की वर्षा की जाएगी, जिससे फूलों की रंगीन बौछार का अद्भुत दृश्य प्रस्तुत होगा।
आयोजकों का कहना है कि यह कार्यक्रम परंपरा और आधुनिक तकनीक को मिलाकर एक अनूठा अनुभव प्रदान करेगा, साथ ही सुरक्षा मानकों का भी कड़ाई से पालन किया जाएगा। तीन लगातार दिनों में विभिन्न कार्यक्रम और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ निर्धारित स्थानों पर आयोजित होंगी।
स्थानीय पुलिस और अग्निशमन विभाग ने भी भीड़ नियंत्रण और आपातकालीन प्रबंधन के लिए समन्वय किया है। यह उत्सव सभी के लिए खुला है, और अधिकारियों को शहर के निवासियों और पर्यटकों दोनों की बड़ी भागीदारी की उम्मीद है।
परम्परा और नवाचार के इस संगम से उज्जैन अपने सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करते हुए दशहरा के त्योहार को नई ऊँचाइयों पर ले जाने का प्रयास कर रहा है।
रावण दहन के साथ-साथ बाबा महाकाल की शाही सवारी का भी आयोजन किया जाएगा। इस पवित्र यात्रा को विशेष बनाते हुए, ड्रोन द्वारा दशहरा मैदान में लगभग 500 किलोग्राम फूलों की वर्षा की जाएगी, जिससे फूलों की रंगीन बौछार का अद्भुत दृश्य प्रस्तुत होगा।
आयोजकों का कहना है कि यह कार्यक्रम परंपरा और आधुनिक तकनीक को मिलाकर एक अनूठा अनुभव प्रदान करेगा, साथ ही सुरक्षा मानकों का भी कड़ाई से पालन किया जाएगा। तीन लगातार दिनों में विभिन्न कार्यक्रम और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ निर्धारित स्थानों पर आयोजित होंगी।
स्थानीय पुलिस और अग्निशमन विभाग ने भी भीड़ नियंत्रण और आपातकालीन प्रबंधन के लिए समन्वय किया है। यह उत्सव सभी के लिए खुला है, और अधिकारियों को शहर के निवासियों और पर्यटकों दोनों की बड़ी भागीदारी की उम्मीद है।
परम्परा और नवाचार के इस संगम से उज्जैन अपने सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करते हुए दशहरा के त्योहार को नई ऊँचाइयों पर ले जाने का प्रयास कर रहा है।