📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Suyash Dwivedi
स्थानीय
उज्जैन में 5.30 किमी का एलिवेटेड कॉरिडोर, 945 करोड़ में बन रहा
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 25 अग. 2026, 01:02 PM
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उज्जैन में 5.30 किमी लंबा, 945.20 करोड़ लागत वाला एलिवेटेड कॉरिडोर बन रहा है, जो इंद्रानगर‑नीलगंगा और इंदौर गेट‑निकास चौक को जोड़कर ट्रैफ़िक दबाव घटाएगा।
उज्जैन नगर निगम ने 5.30 किमी लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना शुरू की है, जिसकी अनुमानित लागत 945.20 करोड़ रुपये है। यह बुनियादी ढांचा शहर में बढ़ते ट्रैफ़िक दबाव को कम करने के लिए ग्रेड‑सेपरेटेड मार्ग प्रदान करेगा।
यह कॉरिडोर इंद्रानगर‑नीलगंगा क्षेत्र को इंदौर गेट‑निकास चौक से जोड़ता है, जिससे कई जाम वाले चौराहों को बायपास किया जा सकेगा। योजना के अनुसार यह नया मार्ग यात्रियों के यात्रा समय को घटाएगा और मालवाहक वाहनों के प्रवाह को सुधारेगा।
निर्माण कार्य राज्य सार्वजनिक कार्य विभाग द्वारा किया जा रहा है, और लक्ष्य है कि संधि (Singhasth) समयसीमा से पहले पूरी 5.30‑किमी लम्बाई पूरी हो जाए, जो राज्य सरकार ने शहरी परियोजनाओं के लिए निर्धारित किया है। संचालन में आने पर यह एलिवेटेड कॉरिडोर शहर के ट्रैफ़िक का बड़ा हिस्सा संभालने, सुरक्षा बढ़ाने और ईंधन की खपत घटाने की उम्मीद है।
परियोजना के लिए वित्तीय सहायता राज्य बजट और केंद्रीय शहरी विकास योजना के सहयोग से जुटाई गई है, जो मध्य प्रदेश के विकास एजेंडा में बुनियादी ढांचे को प्राथमिकता देने को दर्शाती है।
यह कॉरिडोर इंद्रानगर‑नीलगंगा क्षेत्र को इंदौर गेट‑निकास चौक से जोड़ता है, जिससे कई जाम वाले चौराहों को बायपास किया जा सकेगा। योजना के अनुसार यह नया मार्ग यात्रियों के यात्रा समय को घटाएगा और मालवाहक वाहनों के प्रवाह को सुधारेगा।
निर्माण कार्य राज्य सार्वजनिक कार्य विभाग द्वारा किया जा रहा है, और लक्ष्य है कि संधि (Singhasth) समयसीमा से पहले पूरी 5.30‑किमी लम्बाई पूरी हो जाए, जो राज्य सरकार ने शहरी परियोजनाओं के लिए निर्धारित किया है। संचालन में आने पर यह एलिवेटेड कॉरिडोर शहर के ट्रैफ़िक का बड़ा हिस्सा संभालने, सुरक्षा बढ़ाने और ईंधन की खपत घटाने की उम्मीद है।
परियोजना के लिए वित्तीय सहायता राज्य बजट और केंद्रीय शहरी विकास योजना के सहयोग से जुटाई गई है, जो मध्य प्रदेश के विकास एजेंडा में बुनियादी ढांचे को प्राथमिकता देने को दर्शाती है।