📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / President's Secretariat
धर्म
उज्जैन के खड़े हनुमान मंदिर की प्रतिमा को स्थानांतरण से पहले स्कैन किया गया
✍️ Amar Ujala · Indore
🗓 10 सित. 2026, 07:39 PM
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उज्जैन में प्रशासन ने खड़े हनुमान मंदिर की प्रतिमा को हटाने से पहले विस्तृत स्कैन करवाया, विशेषज्ञों की सलाह पर सावधानी बरतने का आग्रह किया।
उज्जैन के शहरी प्रशासन ने शहर के प्रसिद्ध खड़े हनुमान मंदिर में स्थित श्री खड़े हनुमान प्रतिमा को स्थानांतरित करने से पहले उसकी विस्तृत स्कैनिंग का आदेश दिया। उन्नत इमेजिंग उपकरणों से की गई इस स्कैनिंग का उद्देश्य प्रतिमा की संरचनात्मक स्थिरता और संभावित छिपे हुए पहलुओं को दस्तावेज़ करना था, जिससे उसकी आवाज़ी को नुकसान न पहुंचे।
विशेषज्ञों ने कहा कि प्रतिमा को हटाने या स्थानांतरित करने का कोई भी कदम पूरी तकनीकी रिपोर्ट के आधार पर ही उठाया जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अधूरी जानकारी के आधार पर कार्य करने से शताब्दी पुरानी इस धार्मिक मूर्ति को नुकसान हो सकता है, जो भक्तों के लिए अत्यधिक महत्व रखती है।
प्रशासन ने यह भी बताया कि प्रतिमा के कुछ पहलू विज्ञान की सामान्य समझ से परे प्रतीत होते हैं, इसलिए अंतिम निर्णय से पहले एक बहु‑विषयक समीक्षा आवश्यक है।
यह स्कैनिंग पहल भारत में सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण में वैज्ञानिक तरीकों को अपनाने की प्रवृत्ति को दर्शाती है, विशेषकर उन वस्तुओं के लिए जिनका धार्मिक और सार्वजनिक दोनों स्तर पर आकर्षण है।
विशेषज्ञ पैनल द्वारा पूरी रिपोर्ट की समीक्षा के बाद ही प्रतिमा के संभावित स्थानांतरण के बारे में आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
विशेषज्ञों ने कहा कि प्रतिमा को हटाने या स्थानांतरित करने का कोई भी कदम पूरी तकनीकी रिपोर्ट के आधार पर ही उठाया जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अधूरी जानकारी के आधार पर कार्य करने से शताब्दी पुरानी इस धार्मिक मूर्ति को नुकसान हो सकता है, जो भक्तों के लिए अत्यधिक महत्व रखती है।
प्रशासन ने यह भी बताया कि प्रतिमा के कुछ पहलू विज्ञान की सामान्य समझ से परे प्रतीत होते हैं, इसलिए अंतिम निर्णय से पहले एक बहु‑विषयक समीक्षा आवश्यक है।
यह स्कैनिंग पहल भारत में सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण में वैज्ञानिक तरीकों को अपनाने की प्रवृत्ति को दर्शाती है, विशेषकर उन वस्तुओं के लिए जिनका धार्मिक और सार्वजनिक दोनों स्तर पर आकर्षण है।
विशेषज्ञ पैनल द्वारा पूरी रिपोर्ट की समीक्षा के बाद ही प्रतिमा के संभावित स्थानांतरण के बारे में आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।