📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Wikimedia Commons
अपराध
उज्जैन हाईकोर्ट ने ज्ञानदास महाराज की अग्रिम जमानत खारिज, गुरु‑शिष्य भरोसे का दुरुपयोग बताया
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 26 अग. 2026, 06:47 PM
👁 3
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने उज्जैन में फरार आरोपी ज्ञानदास महाराज की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी, गुरु‑शिष्य के भरोसे के दुरुपयोग को कारण बताया।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने उज्जैन में चल रहे मामले में फरार आरोपी ज्ञानदास महाराज की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया। अदालत ने याचिका की जाँच के बाद यह निष्कर्ष निकाला कि प्रस्तुत कारणों से बंधक राहत देना उचित नहीं है।
बेंच ने यह भी कहा कि स्वयं को आध्यात्मिक गुरु बताने वाले आरोपी ने अपने शिष्यों के भरोसे का दुरुपयोग किया है। गुरु‑शिष्य के बीच का संबंध एक विश्वास‑आधारित संबंध है, और इस भरोसे का शोषण गंभीर अपराध माना जाता है।
आदेश में न्यायाधीशों ने यह रेखांकित किया कि ज्ञानदास महाराज के खिलाफ लगाए गए आरोप साधारण विवादों से आगे बढ़कर अनुयायियों का व्यक्तिगत लाभ के लिए शोषण करने के हैं। इसलिए जमानत याचिका को अस्वीकार कर, अधिकारियों को आरोपी की तलाशी जारी रखने का निर्देश दिया गया।
यह फैसला इस बात को स्पष्ट करता है कि न्यायपालिका सामाजिक रूप से कमजोर वर्गों को धोखेबाज आध्यात्मिक नेताओं से बचाने के लिए कड़ी कार्रवाई करेगी और धार्मिक अधिकार का प्रयोग आपराधिक प्रक्रिया से बचने के लिए नहीं किया जा सकता।
बेंच ने यह भी कहा कि स्वयं को आध्यात्मिक गुरु बताने वाले आरोपी ने अपने शिष्यों के भरोसे का दुरुपयोग किया है। गुरु‑शिष्य के बीच का संबंध एक विश्वास‑आधारित संबंध है, और इस भरोसे का शोषण गंभीर अपराध माना जाता है।
आदेश में न्यायाधीशों ने यह रेखांकित किया कि ज्ञानदास महाराज के खिलाफ लगाए गए आरोप साधारण विवादों से आगे बढ़कर अनुयायियों का व्यक्तिगत लाभ के लिए शोषण करने के हैं। इसलिए जमानत याचिका को अस्वीकार कर, अधिकारियों को आरोपी की तलाशी जारी रखने का निर्देश दिया गया।
यह फैसला इस बात को स्पष्ट करता है कि न्यायपालिका सामाजिक रूप से कमजोर वर्गों को धोखेबाज आध्यात्मिक नेताओं से बचाने के लिए कड़ी कार्रवाई करेगी और धार्मिक अधिकार का प्रयोग आपराधिक प्रक्रिया से बचने के लिए नहीं किया जा सकता।