📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Yann (talk)
अपराध
उदयपुर एसीबी ने एवीवीएनएल के जेईएन सागर मीणा को 15,000 रुपये की रिश्वत के लिए गिरफ्तार किया
✍️ Amar Ujala · Udaipur
🗓 31 अग. 2026, 09:39 PM
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उदयपुर में एसीबी ने एवीवीएनएल के कर्मचारी जेईएन सागर मीणा को घरेलू बिजली कनेक्शन के लिए 15,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया।
उदयपुर एंटी‑करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (एवीवीएनएल) के कर्मचारी जेईएन सागर मीणा को घरेलू बिजली कनेक्शन के लिए रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया। जांच के अनुसार, मीणा ने पहले 5,000 रुपये ले लिए थे और सोमवार को कार्यालय में शेष 10,000 रुपये लेते हुए पकड़े गए।
एसीबी ने बताया कि इस लेन‑देन की निगरानी कैमरों में रिकॉर्डिंग है और आरोपी को नकद हाथ में पकड़ा गया। अब इस मामले की पूरी जांच चल रही है और बिजली बोर्ड की आंतरिक प्रक्रियाओं की समीक्षा की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी भ्रष्टाचार की घटनाएँ न हों।
मीणा को आगे की जांच के लिये हिरासत में रखा गया है और मामला जिला न्यायालय को भेज दिया गया है। यह गिरफ्तारी राज्य सरकार की सार्वजनिक सेवाओं में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कार्रवाई को दर्शाती है।
स्थानीय अधिकारियों ने नागरिकों से रिश्वत के किसी भी मामले की सूचना देने का आग्रह किया है और कहा है कि पद का दुरुपयोग करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना बुनियादी सेवाओं की आपूर्ति में भ्रष्टाचार की व्यापक समस्या को उजागर करती है, जिससे विद्युत क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग बढ़ रही है।
एसीबी ने बताया कि इस लेन‑देन की निगरानी कैमरों में रिकॉर्डिंग है और आरोपी को नकद हाथ में पकड़ा गया। अब इस मामले की पूरी जांच चल रही है और बिजली बोर्ड की आंतरिक प्रक्रियाओं की समीक्षा की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी भ्रष्टाचार की घटनाएँ न हों।
मीणा को आगे की जांच के लिये हिरासत में रखा गया है और मामला जिला न्यायालय को भेज दिया गया है। यह गिरफ्तारी राज्य सरकार की सार्वजनिक सेवाओं में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कार्रवाई को दर्शाती है।
स्थानीय अधिकारियों ने नागरिकों से रिश्वत के किसी भी मामले की सूचना देने का आग्रह किया है और कहा है कि पद का दुरुपयोग करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना बुनियादी सेवाओं की आपूर्ति में भ्रष्टाचार की व्यापक समस्या को उजागर करती है, जिससे विद्युत क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग बढ़ रही है।