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23 सित. 2026
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MP आजीविका मिशन भ्रष्टाचार मामले में 2 साल में भी चालान नहीं, ईओडब्ल्यू की कार्रवाई पर सवाल
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Yann Forget
अपराध

MP आजीविका मिशन भ्रष्टाचार मामले में 2 साल में भी चालान नहीं, ईओडब्ल्यू की कार्रवाई पर सवाल

✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh 🗓 22 अग. 2026, 08:13 AM 👁 13
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मध्य प्रदेश के आजीविका मिशन में भ्रष्टाचार के आरोपों पर FIR दर्ज हुए दो साल बाद भी चालान नहीं आया, जिससे ईओडब्ल्यू की कार्रवाई पर सवाल उठे हैं।

मध्य प्रदेश की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) पर सवाल उठ रहे हैं क्योंकि आजीविका मिशन से जुड़े भ्रष्टाचार मामले में लगभग दो साल पहले दर्ज FIR के बाद भी अभी तक चालान नहीं आया है। इस मामले में शामिल अधिकारियों के नामों की सूची FIR में दर्ज थी, पर अब तक औपचारिक चालान दाखिल नहीं किया गया है।

आजीविका मिशन, जो ग्रामीण गरीबों को रोजगार और आय प्रदान करने के लिए चलाया गया एक प्रमुख योजना है, पर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगे थे। कानून के अनुसार आर्थिक अपराधों में FIR दर्ज होने के 60 दिनों के भीतर चालान दाखिल करना अनिवार्य है, हालांकि कभी‑कभी समय सीमा बढ़ाई जा सकती है। इस मामले में इतनी देर से कार्रवाई को मानक प्रक्रिया के उल्लंघन के रूप में देखा जा रहा है।

राज्य के अधिकारियों ने इस देरी के बारे में सार्वजनिक रूप से कोई टिप्पणी नहीं की है, पर यह मुद्दा न्यायालय और भ्रष्टाचार विरोधी संस्थाओं का ध्यान आकर्षित कर रहा है, जहाँ जवाबदेही की मांग की जा रही है।

यह घटना राज्य में भ्रष्टाचार की जांच की गति और प्रभावशीलता पर व्यापक चिंता को उजागर करती है, विशेषकर उन योजनाओं में जहाँ बड़ी सार्वजनिक धनराशि शामिल होती है और जो कमजोर वर्गों को सीधे प्रभावित करती हैं।
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