📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Bernard Gagnon
स्थानीय
बांधवगढ़ में जंगली हाथी E-5 को काबू करने के लिए दो कुमकी हाथियों को भेजा गया
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 09 सित. 2026, 09:39 AM
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वन विभाग ने बांधवगढ़ में जंगली हाथी E-5 को बिना नुकसान पहुँचाए काबू करने के लिए दो प्रशिक्षित कुमकी हाथियों को भेजा है।
मध्य प्रदेश वन विभाग ने बांधवगढ़ टाइगर रिज़र्व के निकट घूम रहे जंगली हाथी E‑5 को काबू करने के लिए एक रेस्क्यू अभियान शुरू किया है। इस हाथी के बड़े आकार और अनिश्चित व्यवहार के कारण अधिकारियों को चुनौती का सामना करना पड़ रहा था।
बांधवगढ़ से दो प्रशिक्षित कुमकी हाथियों को स्थल पर भेजा गया है। कुमकी हाथी अपनी शांति और जंगली हाथियों को नियंत्रित करने की क्षमता के लिए जाने जाते हैं, और वे वन कर्मचारियों की निगरानी में काम करेंगे।
टीम का लक्ष्य कुमकी हाथियों के साथ मिलकर E‑5 को बिना किसी चोट के सुरक्षित पिंजरे में लाना है। जमीन पर मौजूद स्टाफ और ड्रोन की मदद से लगातार निगरानी की जाएगी, जिससे मानव सुरक्षा और हाथी दोनों की भलाई सुनिश्चित हो सके।
सफल होने पर यह अभियान मध्य भारत में पारंपरिक वन प्रबंधन तकनीकों की प्रभावशीलता को दर्शाएगा।
बांधवगढ़ से दो प्रशिक्षित कुमकी हाथियों को स्थल पर भेजा गया है। कुमकी हाथी अपनी शांति और जंगली हाथियों को नियंत्रित करने की क्षमता के लिए जाने जाते हैं, और वे वन कर्मचारियों की निगरानी में काम करेंगे।
टीम का लक्ष्य कुमकी हाथियों के साथ मिलकर E‑5 को बिना किसी चोट के सुरक्षित पिंजरे में लाना है। जमीन पर मौजूद स्टाफ और ड्रोन की मदद से लगातार निगरानी की जाएगी, जिससे मानव सुरक्षा और हाथी दोनों की भलाई सुनिश्चित हो सके।
सफल होने पर यह अभियान मध्य भारत में पारंपरिक वन प्रबंधन तकनीकों की प्रभावशीलता को दर्शाएगा।