📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Prithvi Singh Rajawat
स्थानीय
महाराष्ट्र से दो बाघिनें कोटा के हाड़ौती जंगलों में भेजी जाएँगी
✍️ Amar Ujala · Kota
🗓 22 अक्टू. 2026, 07:16 PM
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राजस्थान वन विभाग हाड़ौती क्षेत्र में बाघों की संख्या और जीन विविधता बढ़ाने के लिये महाराष्ट्र के ताड़ोबा‑अंधारी और पेंच टाइगर रिज़र्व से एक‑एक बाघिनी लाएगा।
राजस्थान वन विभाग ने राज्य के हाड़ौती क्षेत्र में बाघ संरक्षण के दूसरे चरण की तैयारी शुरू कर दी है। इस योजना के तहत महाराष्ट्र के ताड़ोबा‑अंधारी और पेंच टाइगर रिज़र्व से एक‑एक बाघिनी को हाड़ौती के जंगलों में स्थानांतरित किया जाएगा।
वर्तमान में स्थानीय रिज़र्व में कुल पंद्रह बाघ‑बाघिनें हैं; नई बाघिनियों को लाकर जनसंख्या बढ़ाने और जीन विविधता सुनिश्चित करने का उद्देश्य है, जिससे इनब्रिडिंग का खतरा कम हो सके।
स्थानांतरण प्रक्रिया में महाराष्ट्र के वन अधिकारियों के साथ समन्वय, पशु चिकित्सकों और वन्यजीव विशेषज्ञों की देखरेख, तथा बाघिनियों की स्वास्थ्य जाँच और सुरक्षित परिवहन शामिल होगा।
रिलीज़ के बाद, रेडियो कॉलर और फील्ड सर्वेक्षणों के माध्यम से नई बाघिनियों की अनुकूलन प्रक्रिया और स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र पर उनके प्रभाव की निगरानी की जाएगी।
यह कदम भारत में बाघ गलियारे को सुदृढ़ करने और संरक्षित क्षेत्रों में स्थायी बाघ जनसंख्या बनाए रखने के व्यापक राष्ट्रीय प्रयास का हिस्सा है।
वर्तमान में स्थानीय रिज़र्व में कुल पंद्रह बाघ‑बाघिनें हैं; नई बाघिनियों को लाकर जनसंख्या बढ़ाने और जीन विविधता सुनिश्चित करने का उद्देश्य है, जिससे इनब्रिडिंग का खतरा कम हो सके।
स्थानांतरण प्रक्रिया में महाराष्ट्र के वन अधिकारियों के साथ समन्वय, पशु चिकित्सकों और वन्यजीव विशेषज्ञों की देखरेख, तथा बाघिनियों की स्वास्थ्य जाँच और सुरक्षित परिवहन शामिल होगा।
रिलीज़ के बाद, रेडियो कॉलर और फील्ड सर्वेक्षणों के माध्यम से नई बाघिनियों की अनुकूलन प्रक्रिया और स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र पर उनके प्रभाव की निगरानी की जाएगी।
यह कदम भारत में बाघ गलियारे को सुदृढ़ करने और संरक्षित क्षेत्रों में स्थायी बाघ जनसंख्या बनाए रखने के व्यापक राष्ट्रीय प्रयास का हिस्सा है।