📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Gurvinder Singh brar GSB
राजनीति
पंजाब के दो AAP विधायक पार्टी छोड़कर आज BJP में शामिल
✍️ Hindustan Times
🗓 02 नव. 2026, 10:33 AM
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पंजाब के दो विधायकों ने AAP छोड़कर आज भाजपा में शामिल होने का फैसला किया, राज्य चुनावों से कुछ हफ़्ते पहले।
पंजाब के दो विधायकों ने सोमवार को आम आदमी पार्टी से इस्तीफा दे दिया और आधिकारिक तौर पर अपनी सदस्यता समाप्त कर ली। दोनों एमएलए ने आज ही भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने की घोषणा की, जो राज्य विधानसभा चुनावों से कुछ हफ़्ते पहले का कदम है।
यह कदम महत्वपूर्ण समय पर आया है, क्योंकि पंजाब के चुनाव 2025 की शुरुआत में निर्धारित हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मध्य‑अवधि पार्टी बदलने से मतदाता भावना और विधानसभा में दलों की ताकत पर असर पड़ सकता है, हालांकि सटीक प्रभाव अभी स्पष्ट नहीं है।
इस्तिफा देने वाले विधायकों और पार्टी के अधिकारियों ने इस बदलाव के कारणों पर विस्तृत टिप्पणी नहीं की, केवल विकास एजेंडा के साथ तालमेल रखने की इच्छा जताई। आम आदमी पार्टी ने अभी तक इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, जबकि भाजपा ने एक संक्षिप्त बयान में इन नए सदस्यों का स्वागत किया और राज्य में अपनी बढ़ती लोकप्रियता पर बल दिया।
चुनावी प्राधिकरण ने इस्तीफे को दर्ज कर लिया है, और दोनों सीटें अगले चुनाव तक खाली रहेंगी, जब तक कि कोई उपचुनाव नहीं बुलाया जाता। यह घटना पंजाब के राजनीतिक परिदृश्य की अस्थिरता को उजागर करती है, जहाँ पार्टियां मतदाता समर्थन के लिए तीव्र प्रतिस्पर्धा कर रही हैं।
यह कदम महत्वपूर्ण समय पर आया है, क्योंकि पंजाब के चुनाव 2025 की शुरुआत में निर्धारित हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मध्य‑अवधि पार्टी बदलने से मतदाता भावना और विधानसभा में दलों की ताकत पर असर पड़ सकता है, हालांकि सटीक प्रभाव अभी स्पष्ट नहीं है।
इस्तिफा देने वाले विधायकों और पार्टी के अधिकारियों ने इस बदलाव के कारणों पर विस्तृत टिप्पणी नहीं की, केवल विकास एजेंडा के साथ तालमेल रखने की इच्छा जताई। आम आदमी पार्टी ने अभी तक इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, जबकि भाजपा ने एक संक्षिप्त बयान में इन नए सदस्यों का स्वागत किया और राज्य में अपनी बढ़ती लोकप्रियता पर बल दिया।
चुनावी प्राधिकरण ने इस्तीफे को दर्ज कर लिया है, और दोनों सीटें अगले चुनाव तक खाली रहेंगी, जब तक कि कोई उपचुनाव नहीं बुलाया जाता। यह घटना पंजाब के राजनीतिक परिदृश्य की अस्थिरता को उजागर करती है, जहाँ पार्टियां मतदाता समर्थन के लिए तीव्र प्रतिस्पर्धा कर रही हैं।