📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Home Affairs
अपराध
दक्षिण दिल्ली में दो महिला पत्रकारों ने दिल्ली पुलिस पर मारपीट व हिरासत का आरोप
✍️ Amar Ujala · Delhi
🗓 03 सित. 2026, 05:02 PM
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दो स्वतंत्र महिला पत्रकारों ने कहा कि समाचार कवरेज के दौरान उन्हें दिल्ली पुलिस ने मारपीट की और हिरासत में लिया।
दक्षिण दिल्ली – दो स्वतंत्र महिला पत्रकारों ने दिल्ली पुलिस पर आरोप लगाया है कि उन्होंने समाचार कवरेज के दौरान उन्हें मारपीट की और हिरासत में लिया। पत्रकारों का कहना है कि यह घटना राजधानी के दक्षिणी भाग में उनके रिपोर्टिंग के दौरान हुई।
उनके बयान के अनुसार, पुलिस अधिकारियों ने पत्रकारों को रोककर शारीरिक बल का प्रयोग किया और फिर उन्हें अनिश्चितकाल के लिए हिरासत में रखा। पत्रकारों का मानना है कि यह कार्रवाई अनावश्यक थी और उनके समाचार अधिकार का उल्लंघन करती है।
अब तक पुलिस ने इन आरोपों पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं दी है, और वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा जांच की संभावना जताई गई है। यह घटना दिल्ली में पुलिस के व्यवहार और प्रेस की स्वतंत्रता को लेकर चिंताएँ बढ़ा रही है।
दोनों पत्रकार, जिन्होंने अपना नाम नहीं बताया, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से जांच और उचित समाधान की मांग कर रहे हैं। घटना के स्थान या रिपोर्ट किए जा रहे विषय के बारे में अभी तक कोई अतिरिक्त जानकारी उपलब्ध नहीं है।
यह मामला भारत में मीडिया कर्मियों की सुरक्षा को लेकर चल रहे संवाद में नई दहलीज जोड़ रहा है, और पुलिस व पत्रकारों के बीच स्पष्ट दिशा-निर्देशों की आवश्यकता पर बल दे रहा है।
उनके बयान के अनुसार, पुलिस अधिकारियों ने पत्रकारों को रोककर शारीरिक बल का प्रयोग किया और फिर उन्हें अनिश्चितकाल के लिए हिरासत में रखा। पत्रकारों का मानना है कि यह कार्रवाई अनावश्यक थी और उनके समाचार अधिकार का उल्लंघन करती है।
अब तक पुलिस ने इन आरोपों पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं दी है, और वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा जांच की संभावना जताई गई है। यह घटना दिल्ली में पुलिस के व्यवहार और प्रेस की स्वतंत्रता को लेकर चिंताएँ बढ़ा रही है।
दोनों पत्रकार, जिन्होंने अपना नाम नहीं बताया, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से जांच और उचित समाधान की मांग कर रहे हैं। घटना के स्थान या रिपोर्ट किए जा रहे विषय के बारे में अभी तक कोई अतिरिक्त जानकारी उपलब्ध नहीं है।
यह मामला भारत में मीडिया कर्मियों की सुरक्षा को लेकर चल रहे संवाद में नई दहलीज जोड़ रहा है, और पुलिस व पत्रकारों के बीच स्पष्ट दिशा-निर्देशों की आवश्यकता पर बल दे रहा है।