📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Dr. Chinchu C.
स्थानीय
पठानकोट में 100 फीट टावर पर फंसे दो बुजुर्गों को भोजन‑पानी व शौच की समस्या
✍️ Amar Ujala · Amritsar
🗓 28 अग. 2026, 09:17 AM
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बज्र औसती संघर्ष समिति के दो वरिष्ठ सदस्य तीन दिन से पठानकोट के 100 फीट टावर पर हैं और अब भोजन, पानी व शौच की गंभीर समस्या का सामना कर रहे हैं।
पठानकोट, पंजाब – बज्र औसती संघर्ष समिति के दो वरिष्ठ कार्यकर्ता तीन दिन से 100 फीट ऊँचे टावर पर बैठे हैं। यह ऊँचा प्रदर्शन प्रारम्भ में एक प्रतीकात्मक आंदोलन के रूप में शुरू हुआ था, पर अब भोजन‑पानी की तीव्र कमी के कारण मानवीय संकट बन गया है।
स्थानीय स्रोतों के अनुसार, समर्थकों द्वारा सीमित सामग्री पहुँचाई जा रही है और शौचालय की अनुपस्थिति में बुजुर्गों को पत्तियों का सहारा लेना पड़ रहा है। यह स्थिति आसपास के निवासियों और मीडिया का ध्यान आकर्षित कर रही है।
टावर के नीचे मौजूद प्रशासन ने अब तक कोई व्यवस्थित सहायता नहीं प्रदान की, जिससे अधिकारियों की प्रतिक्रिया को अपर्याप्त कहा जा रहा है। समिति ने अभी तक नया बयान नहीं दिया, पर प्रदर्शनकारियों ने अपनी स्थिति बनाए रखी है और बुनियादी जरूरतों की पूर्ति की मांग की है।
यह घटना उन चुनौतियों को उजागर करती है जिनका सामना वे प्रदर्शनकारियों को करना पड़ता है जो अत्यधिक उपाय अपनाते हैं, और कानून‑प्रवर्तन, सार्वजनिक सुरक्षा तथा शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार के बीच संतुलन की आवश्यकता पर प्रकाश डालती है।
स्थानीय स्रोतों के अनुसार, समर्थकों द्वारा सीमित सामग्री पहुँचाई जा रही है और शौचालय की अनुपस्थिति में बुजुर्गों को पत्तियों का सहारा लेना पड़ रहा है। यह स्थिति आसपास के निवासियों और मीडिया का ध्यान आकर्षित कर रही है।
टावर के नीचे मौजूद प्रशासन ने अब तक कोई व्यवस्थित सहायता नहीं प्रदान की, जिससे अधिकारियों की प्रतिक्रिया को अपर्याप्त कहा जा रहा है। समिति ने अभी तक नया बयान नहीं दिया, पर प्रदर्शनकारियों ने अपनी स्थिति बनाए रखी है और बुनियादी जरूरतों की पूर्ति की मांग की है।
यह घटना उन चुनौतियों को उजागर करती है जिनका सामना वे प्रदर्शनकारियों को करना पड़ता है जो अत्यधिक उपाय अपनाते हैं, और कानून‑प्रवर्तन, सार्वजनिक सुरक्षा तथा शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार के बीच संतुलन की आवश्यकता पर प्रकाश डालती है।