📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Jeevan1055
बिज़नेस
आईआईएम जम्मू में दो दिवसीय शिखर सम्मेलन से जीसीसी आर्थिक संभावनाओं को खोला जाएगा
✍️ Daily Excelsior
🗓 09 अक्टू. 2026, 05:02 AM
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आईआईएम जम्मू ने आज दो दिवसीय शिखर सम्मेलन का शुभारंभ किया, जिसका उद्देश्य क्षेत्र की जीसीसी आर्थिक संभावनाओं को उजागर करना है।
भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) जम्मू ने आज दो दिवसीय शिखर सम्मेलन का शुभारंभ किया, जिसका उद्देश्य क्षेत्र की गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (जीसीसी) के साथ आर्थिक संभावनाओं की पहचान करना है। यह कार्यक्रम 48 घंटे तक चलेगा और नीति निर्माताओं, उद्योग के नेताओं तथा शैक्षणिक विशेषज्ञों को एक साथ लाएगा।
आयोजकों ने ऊर्जा, पर्यटन, कृषि और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों पर केंद्रित पैनल चर्चा, मुख्य भाषण और नेटवर्किंग सत्रों की रूपरेखा तैयार की है। प्रतिभागी बाजार प्रवेश रणनीतियों, नियामक ढांचों और साझेदारी मॉडलों पर अपने विचार साझा करेंगे, जिससे जम्मू क्षेत्र और जीसीसी अर्थव्यवस्थाओं दोनों को लाभ हो सके।
अधिकारियों ने कहा कि यह शिखर सम्मेलन शैक्षणिक शोध को व्यावहारिक नीतियों में बदलने का मंच प्रदान करेगा, जहाँ विचारों को ठोस परियोजनाओं में बदला जा सकेगा। दो‑दिन के समापन पर हितधारकों का लक्ष्य जीसीसी सदस्य देशों के साथ भविष्य की आर्थिक सहभागिता को दिशा देने वाले सिफारिशें तैयार करना है।
यह आयोजन आईआईएम जम्मू की क्षेत्रीय विकास में उत्प्रेरक भूमिका को रेखांकित करता है, जो भारतीय और खाड़ी व्यापार समुदायों के बीच पुल बनाते हुए अपने शैक्षणिक संसाधनों का उपयोग करता है।
आयोजकों ने ऊर्जा, पर्यटन, कृषि और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों पर केंद्रित पैनल चर्चा, मुख्य भाषण और नेटवर्किंग सत्रों की रूपरेखा तैयार की है। प्रतिभागी बाजार प्रवेश रणनीतियों, नियामक ढांचों और साझेदारी मॉडलों पर अपने विचार साझा करेंगे, जिससे जम्मू क्षेत्र और जीसीसी अर्थव्यवस्थाओं दोनों को लाभ हो सके।
अधिकारियों ने कहा कि यह शिखर सम्मेलन शैक्षणिक शोध को व्यावहारिक नीतियों में बदलने का मंच प्रदान करेगा, जहाँ विचारों को ठोस परियोजनाओं में बदला जा सकेगा। दो‑दिन के समापन पर हितधारकों का लक्ष्य जीसीसी सदस्य देशों के साथ भविष्य की आर्थिक सहभागिता को दिशा देने वाले सिफारिशें तैयार करना है।
यह आयोजन आईआईएम जम्मू की क्षेत्रीय विकास में उत्प्रेरक भूमिका को रेखांकित करता है, जो भारतीय और खाड़ी व्यापार समुदायों के बीच पुल बनाते हुए अपने शैक्षणिक संसाधनों का उपयोग करता है।