📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Unknown Mughal artist
स्थानीय
सागर के वीरांगना दुर्गावती रिज़र्व में दो चीते छोड़े, मध्य प्रदेश का तीसरा चीता आवास
✍️ Amar Ujala · Sagar
🗓 07 अक्टू. 2026, 05:36 PM
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कूनो से लाए गए दो चीते आज सागर के वीरांगना दुर्गावती रिज़र्व में छोड़े गए, जिससे मध्य प्रदेश का तीसरा चीता आवास बन गया।
वन्यजीव विभाग ने कूनो से लाए गए दो चीते सागर के पास स्थित वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिज़र्व में आज छोड़े। इन जानवरों को विशेष रूप से तैयार किए गए आवास में रिहा किया गया, जो राज्य के चीता पुनर्स्थापन कार्यक्रम का हिस्सा है।
इस कदम से मध्य प्रदेश में तीसरा समर्पित चीता आवास बनता है, जो पहले से मौजूद दो स्थलों के साथ जुड़ता है। अधिकारियों ने कहा कि नया रिज़र्व प्रजनन और निगरानी नेटवर्क को विस्तारित करेगा, क्योंकि कई दशकों पहले भारत में यह प्रजाति जंगली रूप से लुप्त हो गई थी।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस अवसर पर व्यापक वन्यजीव पहलों को रेखांकित किया, जिसमें गिद्धों की संख्या में 123% की वृद्धि शामिल है। उन्होंने ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने और रिज़र्व के आसपास होमस्टे सुविधाओं को विकसित करने की योजना भी बताई, जिससे स्थानीय आय सृजन और पारिस्थितिकी तंत्र की सुरक्षा दोनों को बल मिले।
अधिकारियों ने बताया कि चीते को जीपीएस कॉलर से ट्रैक किया जाएगा और एंटी‑पॉइज़न गश्त को सुदृढ़ किया जाएगा, ताकि इस कार्यक्रम की दीर्घकालिक सफलता सुनिश्चित हो सके।
इस कदम से मध्य प्रदेश में तीसरा समर्पित चीता आवास बनता है, जो पहले से मौजूद दो स्थलों के साथ जुड़ता है। अधिकारियों ने कहा कि नया रिज़र्व प्रजनन और निगरानी नेटवर्क को विस्तारित करेगा, क्योंकि कई दशकों पहले भारत में यह प्रजाति जंगली रूप से लुप्त हो गई थी।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस अवसर पर व्यापक वन्यजीव पहलों को रेखांकित किया, जिसमें गिद्धों की संख्या में 123% की वृद्धि शामिल है। उन्होंने ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने और रिज़र्व के आसपास होमस्टे सुविधाओं को विकसित करने की योजना भी बताई, जिससे स्थानीय आय सृजन और पारिस्थितिकी तंत्र की सुरक्षा दोनों को बल मिले।
अधिकारियों ने बताया कि चीते को जीपीएस कॉलर से ट्रैक किया जाएगा और एंटी‑पॉइज़न गश्त को सुदृढ़ किया जाएगा, ताकि इस कार्यक्रम की दीर्घकालिक सफलता सुनिश्चित हो सके।