📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Gurjeetsinghazad
अपराध
पंजाब विश्वविद्यालय में विरोध को भड़काने वाले नकली पोस्ट के लिए दो लोगों की गिरफ्तारी
✍️ ndtv.com
🗓 03 अक्टू. 2026, 04:47 AM
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चंडीगढ़ पुलिस ने पंजाब विश्वविद्यालय में विरोध को भड़काने वाले नकली सोशल‑मीडिया पोस्ट फैलाने के आरोप में दो लोगों को हिरासत में लिया।
चंडीगढ़ पुलिस ने बताया कि दो व्यक्तियों को झूठी सोशल‑मीडिया पोस्ट फैलाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया, जिससे पंजाब विश्वविद्यालय में विरोध भड़का। जांच के बाद यह स्पष्ट हुआ कि इन पोस्टों ने छात्रों को इकट्ठा कर दिया, जिससे कक्षाओं में बाधा उत्पन्न हुई।
विश्वविद्यालय ने पुष्टि की कि झूठी जानकारी के प्रसार के कारण ही विरोध शुरू हुआ, और इसने कैंपस की सुरक्षा को लेकर चिंताएँ बढ़ा दीं। डिजिटल फॉरेंसिक के माध्यम से संदिग्धों की पहचान कर उन्हें बिना किसी हिंसा के हिरासत में लिया गया।
पुलिस ने कहा कि सार्वजनिक अव्यवस्था उत्पन्न करने वाली झूठी सूचना का प्रसार भारतीय दंड संहिता के तहत दंडनीय है। अब दो गिरफ्तारियों को आगे की पूछताछ के लिए रखरखाव में रखा गया है और मामला जांच के अधीन है।
इस घटना ने सोशल‑मीडिया के छात्र आंदोलनों पर प्रभाव और ऑनलाइन सामग्री की निगरानी की आवश्यकता पर फिर से चर्चा को जन्म दिया है।
विश्वविद्यालय ने छात्रों से अपील की है कि वे जानकारी साझा करने से पहले उसकी सत्यता जांचें और भविष्य में ऐसे घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस के सहयोग को सुनिश्चित करें।
विश्वविद्यालय ने पुष्टि की कि झूठी जानकारी के प्रसार के कारण ही विरोध शुरू हुआ, और इसने कैंपस की सुरक्षा को लेकर चिंताएँ बढ़ा दीं। डिजिटल फॉरेंसिक के माध्यम से संदिग्धों की पहचान कर उन्हें बिना किसी हिंसा के हिरासत में लिया गया।
पुलिस ने कहा कि सार्वजनिक अव्यवस्था उत्पन्न करने वाली झूठी सूचना का प्रसार भारतीय दंड संहिता के तहत दंडनीय है। अब दो गिरफ्तारियों को आगे की पूछताछ के लिए रखरखाव में रखा गया है और मामला जांच के अधीन है।
इस घटना ने सोशल‑मीडिया के छात्र आंदोलनों पर प्रभाव और ऑनलाइन सामग्री की निगरानी की आवश्यकता पर फिर से चर्चा को जन्म दिया है।
विश्वविद्यालय ने छात्रों से अपील की है कि वे जानकारी साझा करने से पहले उसकी सत्यता जांचें और भविष्य में ऐसे घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस के सहयोग को सुनिश्चित करें।