📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / The White House
विदेश
ट्रम्प के व्हाइट हाउस ने मीडिया कवरेज विवाद पर पहुंच सीमित की
✍️ Asianet Newsable
🗓 19 सित. 2026, 01:31 PM
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ट्रम्प सरकार ने कुछ समाचार संस्थाओं पर नई प्रतिबंध लागू किए हैं, उनके कवरेज को लेकर चिंता जताते हुए, जिससे प्रेस स्वतंत्रता समर्थकों में आलोचना बढ़ी है।
वॉशिंगटन – राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के तहत व्हाइट हाउस ने कुछ समाचार संगठनों पर कड़ी नियंत्रण लागू किए हैं, जिन्हें वह प्रशासन की गलत रिपोर्टिंग का कारण मानता है। नई दिशानिर्देशों के तहत पत्रकारों की ऑन‑साइट पहुंच सीमित की गई है, आधिकारिक बयानों का वितरण प्रतिबंधित है और साक्षात्कार अनुरोधों को पूर्व अनुमति लेनी होगी। अधिकारियों ने कहा कि यह कदम सटीक रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने और राष्ट्रपति के एजेंडा की रक्षा के लिए है।
यह निर्णय कई समाचार आउटलेट्स द्वारा प्रकाशित लेखों के बाद आया, जिन्हें व्हाइट हाउस ने तथ्यात्मक त्रुटियों और सनसनीखेज स्वर वाला बताया। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि अनुपालन नहीं हुआ तो आगे भी प्रतिबंध बढ़ाए जा सकते हैं, जिसमें प्रेस क्रेडेंशियल रद्द करना भी शामिल है। इस कदम की पत्रकार संघों ने कड़ी निंदा की है, जो इसे प्रेस स्वतंत्रता के लिए खतरा मानते हैं।
व्हाइट हाउस प्रवक्ता जेन प्साकी ने विशेष आउटलेट्स के नाम नहीं बताए, पर यह स्पष्ट किया कि नीति उन सभी संगठनों पर लागू होगी जो बार-बार नए मानकों का उल्लंघन करते हैं। प्रशासन ने कहा कि प्रतिबंध अस्थायी हैं और छह महीने के बाद उनका पुनरावलोकन किया जाएगा। इस बीच, मीडिया निगरानी समूह कांग्रेस से प्रेस स्वतंत्रता पर प्रभाव की जांच करने का आग्रह कर रहे हैं।
यह निर्णय कई समाचार आउटलेट्स द्वारा प्रकाशित लेखों के बाद आया, जिन्हें व्हाइट हाउस ने तथ्यात्मक त्रुटियों और सनसनीखेज स्वर वाला बताया। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि अनुपालन नहीं हुआ तो आगे भी प्रतिबंध बढ़ाए जा सकते हैं, जिसमें प्रेस क्रेडेंशियल रद्द करना भी शामिल है। इस कदम की पत्रकार संघों ने कड़ी निंदा की है, जो इसे प्रेस स्वतंत्रता के लिए खतरा मानते हैं।
व्हाइट हाउस प्रवक्ता जेन प्साकी ने विशेष आउटलेट्स के नाम नहीं बताए, पर यह स्पष्ट किया कि नीति उन सभी संगठनों पर लागू होगी जो बार-बार नए मानकों का उल्लंघन करते हैं। प्रशासन ने कहा कि प्रतिबंध अस्थायी हैं और छह महीने के बाद उनका पुनरावलोकन किया जाएगा। इस बीच, मीडिया निगरानी समूह कांग्रेस से प्रेस स्वतंत्रता पर प्रभाव की जांच करने का आग्रह कर रहे हैं।