📷 चित्र स्रोत: Latestly (via NewsData)
देश
त्रिपुरा के पारंपरिक सारिंदा वाद्य यंत्र को मिला जीआई टैग
✍️ Latestly
🗓 25 जून 2026, 06:32 AM
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त्रिपुरा के पारंपरिक 'त्रिपुरा सारिंदा', जो एक अनोखा स्वदेशी तार वाला संगीत वाद्ययंत्र है, को भौगोलिक संकेत (जीआई) टैग प्रदान किया गया है। मुख्यमंत्री माणिक साहा ने इसे राज्य की सांस्कृतिक विरासत के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।
त्रिपुरा के विशिष्ट स्वदेशी तार वाले संगीत वाद्ययंत्र, सारिंदा को आधिकारिक तौर पर भौगोलिक संकेत (जीआई) टैग प्राप्त हुआ है। यह मान्यता राज्य के भीतर वाद्ययंत्र के अद्वितीय सांस्कृतिक महत्व को रेखांकित करती है।
मुख्यमंत्री माणिक साहा ने इस विकास की सराहना की और इसे त्रिपुरा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के लिए एक गौरवपूर्ण क्षण बताया। जीआई टैग से सारिंदा से जुड़े पारंपरिक शिल्प को और अधिक पहचान और सुरक्षा मिलने की उम्मीद है।
सारिंदा अपनी अनूठी ध्वनि और त्रिपुरा के पारंपरिक संगीत में अपने स्थान के लिए जाना जाता है। यह पदनाम राज्य की स्वदेशी कलाओं और शिल्पों के संरक्षण और संवर्धन में एक महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्यमंत्री माणिक साहा ने इस विकास की सराहना की और इसे त्रिपुरा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के लिए एक गौरवपूर्ण क्षण बताया। जीआई टैग से सारिंदा से जुड़े पारंपरिक शिल्प को और अधिक पहचान और सुरक्षा मिलने की उम्मीद है।
सारिंदा अपनी अनूठी ध्वनि और त्रिपुरा के पारंपरिक संगीत में अपने स्थान के लिए जाना जाता है। यह पदनाम राज्य की स्वदेशी कलाओं और शिल्पों के संरक्षण और संवर्धन में एक महत्वपूर्ण कदम है।