📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Piyushozarde
यात्रा
त्रिपुरा में 487 करोड़ रुपये के पर्यटन प्रोजेक्ट, वन मंजूरी व फंडिंग में बाधाएँ
✍️ Northeast Today
🗓 28 अग. 2026, 06:37 AM
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सरकार ने 487 करोड़ रुपये के पर्यटन योजनाएँ शुरू की हैं, पर वन मंजूरी और निधि की कमी से कार्य में देरी हो रही है, मंत्री सुशांत चौधरी ने कहा।
त्रिपुरा के पर्यटन विभाग ने 487 करोड़ रुपये मूल्य के कई प्रोजेक्ट शुरू किए हैं, जिसका उद्देश्य पर्यटकों की संख्या बढ़ाना और राज्य में रोजगार सृजन करना है। इन योजनाओं में बुनियादी ढाँचा सुधार, ऐतिहासिक स्थलों का प्रचार और प्रमुख जिलों में इको‑टूरिज़्म सुविधाएँ शामिल हैं।
मंत्री सुशांत चौधरी ने बताया कि परियोजनाएँ शुरू हो चुकी हैं, पर वन विभाग से मंजूरी प्राप्त करना मुख्य अड़चन बन गया है। कई स्थल संरक्षित वन क्षेत्रों के भीतर या निकट स्थित हैं, जिससे विस्तृत पर्यावरणीय मूल्यांकन आवश्यक है।
नियामक देरी के साथ-साथ मंत्रालय को वित्तीय कमी का भी सामना करना पड़ रहा है, जिससे निर्धारित समय‑सीमा में देरी हो सकती है। अधिकारियों ने केंद्र सरकार से अतिरिक्त बजट की मांग की है और अंतर‑सरकारी साझेदारी के माध्यम से फंडिंग की संभावना तलाश रहे हैं।
इन चुनौतियों के बावजूद, राज्य आशावादी है कि पर्यटन के विकास से उसकी कृषि‑प्रधान अर्थव्यवस्था में विविधता आएगी और त्रिपुरा घरेलू तथा विदेशी यात्रियों के लिए एक प्रमुख गंतव्य बन सकेगा।
मंत्री सुशांत चौधरी ने बताया कि परियोजनाएँ शुरू हो चुकी हैं, पर वन विभाग से मंजूरी प्राप्त करना मुख्य अड़चन बन गया है। कई स्थल संरक्षित वन क्षेत्रों के भीतर या निकट स्थित हैं, जिससे विस्तृत पर्यावरणीय मूल्यांकन आवश्यक है।
नियामक देरी के साथ-साथ मंत्रालय को वित्तीय कमी का भी सामना करना पड़ रहा है, जिससे निर्धारित समय‑सीमा में देरी हो सकती है। अधिकारियों ने केंद्र सरकार से अतिरिक्त बजट की मांग की है और अंतर‑सरकारी साझेदारी के माध्यम से फंडिंग की संभावना तलाश रहे हैं।
इन चुनौतियों के बावजूद, राज्य आशावादी है कि पर्यटन के विकास से उसकी कृषि‑प्रधान अर्थव्यवस्था में विविधता आएगी और त्रिपुरा घरेलू तथा विदेशी यात्रियों के लिए एक प्रमुख गंतव्य बन सकेगा।