📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Brendonmotom
राजनीति
त्रिपुरा विधायक रंजीत देबरमा ने SP सुरक्षा की पूर्वाग्रह का आरोप लगाया, राज्यपाल से मांगी हस्तक्षेप
✍️ India Today NE
🗓 28 अक्टू. 2026, 02:37 AM
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त्रिपुरा विधायक रंजीत देबरमा ने राज्य पुलिस के खिलाफ पूर्वाग्रह का आरोप लगाया है और इस मामले में राज्यपाल के हस्तक्षेप की मांग की है।
त्रिपुरा में राजनीतिक विवाद उभर रहा है, जहाँ विधायक रंजीत देबरमा ने राज्य पुलिस के व्यवहार को लेकर चिंता जताई है। विधायक ने आरोप लगाया है कि उन्हें सौंपी गई विशेष पुलिस (SP) सुरक्षा दल पूर्वाग्रह से काम कर रही है, जो कि एक चुने हुए प्रतिनिधि और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच संबंधों पर प्रकाश डालता है।
इन आरोपों के जवाब में, देबरमा ने त्रिपुरा के राज्यपाल के हस्तक्षेप की मांग की है। इस मामले को राज्य के संवैधानिक प्रमुख तक ले जाने से यह संकेत दिया गया है कि विधायक का मानना है कि वर्तमान सुरक्षा व्यवस्था में पूर्वाग्रह है और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए उच्च स्तरीय निगरानी की आवश्यकता है।
यह घटना राज्य के राजनीतिक परिदृश्य में जारी तनाव को रेखांकित करती है, जहाँ विधायकों की सुरक्षा प्रोटोकॉल अक्सर निगरानी का विषय बनते हैं। हालाँकि, इसी आरोप के पीछे के विशिष्ट घटनाक्रम के बारे में प्रारंभिक रिपोर्टों में विस्तार से नहीं बताया गया है, लेकिन राज्यपाल को शामिल करने का कदम देबरमा द्वारा इस कथित गलत व्यवहार को कितनी गंभीरता से लिया जा रहा है, इसका संकेत है।
इन आरोपों के जवाब में, देबरमा ने त्रिपुरा के राज्यपाल के हस्तक्षेप की मांग की है। इस मामले को राज्य के संवैधानिक प्रमुख तक ले जाने से यह संकेत दिया गया है कि विधायक का मानना है कि वर्तमान सुरक्षा व्यवस्था में पूर्वाग्रह है और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए उच्च स्तरीय निगरानी की आवश्यकता है।
यह घटना राज्य के राजनीतिक परिदृश्य में जारी तनाव को रेखांकित करती है, जहाँ विधायकों की सुरक्षा प्रोटोकॉल अक्सर निगरानी का विषय बनते हैं। हालाँकि, इसी आरोप के पीछे के विशिष्ट घटनाक्रम के बारे में प्रारंभिक रिपोर्टों में विस्तार से नहीं बताया गया है, लेकिन राज्यपाल को शामिल करने का कदम देबरमा द्वारा इस कथित गलत व्यवहार को कितनी गंभीरता से लिया जा रहा है, इसका संकेत है।