📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Mridul655
राजनीति
त्रिपुरा के मंत्री सुशांत चौधरी ने व्यापारियों से कीमतों की जाँच की, सीपीआई(एम) ने मांगी कार्रवाई
✍️ Northeast Today
🗓 24 अग. 2026, 08:23 PM
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त्रिपुरा के मंत्री सुशांत चौधरी ने आवश्यक वस्तुओं की कीमतों की जाँच के लिए व्यापारियों से मुलाकात की, जबकि राज्य की सीपीआई(एम) ने सरकार से त्वरित कार्रवाई की मांग की।
त्रिपुरा के वाणिज्य मंत्री सुशांत चौधरी ने राज्य के व्यापारियों से मिलकर आवश्यक वस्तुओं की मौजूदा कीमतों की जाँच की। इस मुलाकात का उद्देश्य बाजार में दरों की स्थिरता और उपभोक्ताओं के लिए किफायती स्तर को सुनिश्चित करना था।
व्यापारियों ने चावल, गेहूँ और तेल जैसे प्रमुख सामानों की मूल्य प्रवृत्तियों पर जानकारी प्रदान की, जो राज्य के घरों के लिये मुख्य आवश्यकता हैं। मंत्री ने कहा कि सरकार बाजार की करीबी निगरानी कर रही है और किसी भी अनियमितता पर हस्तक्षेप करेगी।
कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) के राज्य इकाई ने इस बैठक के बाद एक बयान जारी कर प्रशासन से कीमतों में किसी भी उछाल को रोकने के लिये त्वरित कदम उठाने की मांग की। सीपीआई(एम) के नेताओं ने कहा कि आम जनता की क्रय शक्ति की रक्षा प्राथमिकता होनी चाहिए।
अधिकारियों ने बताया कि नियमित मूल्य जाँचें बाजार की पारदर्शिता बनाए रखने और वस्तु जमीनीकरण को रोकने के लिये चल रही पहल का हिस्सा हैं। अभी कोई तत्काल नीति परिवर्तन घोषित नहीं किया गया, पर प्राप्त परिणामों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
यह मुलाकात त्रिपुरा सरकार की कीमत स्थिरता को लेकर सतत प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जबकि क्षेत्र में महंगाई की व्यापक चिंताओं को भी ध्यान में रखा जा रहा है।
व्यापारियों ने चावल, गेहूँ और तेल जैसे प्रमुख सामानों की मूल्य प्रवृत्तियों पर जानकारी प्रदान की, जो राज्य के घरों के लिये मुख्य आवश्यकता हैं। मंत्री ने कहा कि सरकार बाजार की करीबी निगरानी कर रही है और किसी भी अनियमितता पर हस्तक्षेप करेगी।
कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) के राज्य इकाई ने इस बैठक के बाद एक बयान जारी कर प्रशासन से कीमतों में किसी भी उछाल को रोकने के लिये त्वरित कदम उठाने की मांग की। सीपीआई(एम) के नेताओं ने कहा कि आम जनता की क्रय शक्ति की रक्षा प्राथमिकता होनी चाहिए।
अधिकारियों ने बताया कि नियमित मूल्य जाँचें बाजार की पारदर्शिता बनाए रखने और वस्तु जमीनीकरण को रोकने के लिये चल रही पहल का हिस्सा हैं। अभी कोई तत्काल नीति परिवर्तन घोषित नहीं किया गया, पर प्राप्त परिणामों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
यह मुलाकात त्रिपुरा सरकार की कीमत स्थिरता को लेकर सतत प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जबकि क्षेत्र में महंगाई की व्यापक चिंताओं को भी ध्यान में रखा जा रहा है।