📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Apurv013
टेक्नोलॉजी
त्रिपुरा ने प्रमुख प्रवेश बिंदुओं पर ऐप‑आधारित टैक्सी, ऑटो सेवा और मेटावर्स टूरिज्म शुरू किए
✍️ India Today NE
🗓 04 सित. 2026, 07:08 AM
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त्रिपुरा सरकार ने प्रमुख प्रवेश बिंदुओं पर ऐप‑आधारित टैक्सी‑ऑटो सेवाओं और मेटावर्स टूरिज्म प्लेटफ़ॉर्म की शुरुआत की।
त्रिपुरा सरकार ने एक डिजिटल परिवहन नेटवर्क शुरू किया है, जिससे यात्रियों को एक विशेष मोबाइल ऐप के माध्यम से टैक्सी और ऑटो‑रिक्शा बुक करने की सुविधा मिलेगी। यह सेवा राज्य के प्रमुख प्रवेश बिंदुओं, जैसे सीमा पार और मुख्य राजमार्ग चौराहों पर लागू की जा रही है, जिससे यात्रियों और स्थानीय लोगों के लिए अंतिम मील की कनेक्टिविटी आसान होगी।
साथ ही, मेटावर्स टूरिज्म पहल का भी उद्घाटन किया गया, जो त्रिपुरा के सांस्कृतिक और प्राकृतिक आकर्षणों का वर्चुअल 3‑डी टूर प्रदान करती है। उपयोगकर्ता विरासत स्थलों, वन्यजीव अभयारण्यों और स्थानीय त्यौहारों को immersive रूप में देख सकते हैं, जिससे राज्य के पर्यटन में नई रुचि उत्पन्न हो सके।
अधिकारियों ने कहा कि यह दोहरा कदम राज्य की डिजिटल‑पहली रणनीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य परिवहन बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाना और त्रिपुरा को प्रौद्योगिकी‑समर्थित गंतव्य के रूप में प्रस्तुत करना है। ऐप में रीयल‑टाइम वाहन ट्रैकिंग, कैशलेस भुगतान और बहुभाषी समर्थन शामिल होगा, जबकि मेटावर्स प्लेटफ़ॉर्म को नियमित रूप से नई सामग्री से अपडेट किया जाएगा।
पायलट चरण तीन महीने तक चलेगा, जिसके बाद प्रदर्शन डेटा का विश्लेषण करके सेवाओं को राज्य के अन्य क्षेत्रों में विस्तारित किया जाएगा।
साथ ही, मेटावर्स टूरिज्म पहल का भी उद्घाटन किया गया, जो त्रिपुरा के सांस्कृतिक और प्राकृतिक आकर्षणों का वर्चुअल 3‑डी टूर प्रदान करती है। उपयोगकर्ता विरासत स्थलों, वन्यजीव अभयारण्यों और स्थानीय त्यौहारों को immersive रूप में देख सकते हैं, जिससे राज्य के पर्यटन में नई रुचि उत्पन्न हो सके।
अधिकारियों ने कहा कि यह दोहरा कदम राज्य की डिजिटल‑पहली रणनीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य परिवहन बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाना और त्रिपुरा को प्रौद्योगिकी‑समर्थित गंतव्य के रूप में प्रस्तुत करना है। ऐप में रीयल‑टाइम वाहन ट्रैकिंग, कैशलेस भुगतान और बहुभाषी समर्थन शामिल होगा, जबकि मेटावर्स प्लेटफ़ॉर्म को नियमित रूप से नई सामग्री से अपडेट किया जाएगा।
पायलट चरण तीन महीने तक चलेगा, जिसके बाद प्रदर्शन डेटा का विश्लेषण करके सेवाओं को राज्य के अन्य क्षेत्रों में विस्तारित किया जाएगा।