📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Education
अपराध
त्रिपुरा मानवाधिकार आयोग ने पुलिस स्टेशन में अवैध हिरासत के मामले में डीजीपी को रिपोर्ट देने का आदेश दिया
✍️ India Today NE
🗓 19 अग. 2026, 10:36 PM
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त्रिपुरा मानवाधिकार आयोग ने पुलिस स्टेशन में अवैध हिरासत और दबाव के आरोपों पर विस्तृत रिपोर्ट देने के लिए डीजीपी से अनुरोध किया है।
त्रिपुरा मानवाधिकार आयोग (THRC) ने राज्य के पुलिस निदेशक (डीजीपी) को एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का औपचारिक अनुरोध किया है, जिसमें पुलिस स्टेशन में अवैध हिरासत और दबावपूर्ण कार्यवाही के आरोपों की जांच की गई है। आयोग ने बताया कि यह रिपोर्ट हिरासत के दौरान लागू प्रक्रियाओं और संभावित उल्लंघनों को स्पष्ट करेगी।
आयोग के बयान के अनुसार, कई व्यक्तियों ने यह दावा किया है कि उन्हें बिना वैध कारण के हिरासत में रखा गया और बयान देने के लिए दबाव डाला गया। THRC ने कहा कि संवैधानिक अधिकारों की रक्षा और पुलिस उत्तरदायित्व सुनिश्चित करने के लिए निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
डीजीपी को आयोग द्वारा निर्धारित समय सीमा के भीतर यह रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। रिपोर्ट के परिणाम के आधार पर आगे की कार्रवाई, जिसमें कानूनी कदम या नीतिगत सुधार शामिल हो सकते हैं, तय की जाएगी।
यह कदम त्रिपुरा में पुलिस कार्यप्रणाली की बढ़ती जांच को दर्शाता है, जहाँ मानवाधिकार संगठनों ने पारदर्शिता और प्रक्रिया के पालन की माँग की है।
आयोग ने कहा कि वह डीजीपी की रिपोर्ट की समीक्षा करेगा और उसके बाद आवश्यक कदम उठाएगा, जिससे राज्य में नागरिक स्वतंत्रताओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
आयोग के बयान के अनुसार, कई व्यक्तियों ने यह दावा किया है कि उन्हें बिना वैध कारण के हिरासत में रखा गया और बयान देने के लिए दबाव डाला गया। THRC ने कहा कि संवैधानिक अधिकारों की रक्षा और पुलिस उत्तरदायित्व सुनिश्चित करने के लिए निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
डीजीपी को आयोग द्वारा निर्धारित समय सीमा के भीतर यह रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। रिपोर्ट के परिणाम के आधार पर आगे की कार्रवाई, जिसमें कानूनी कदम या नीतिगत सुधार शामिल हो सकते हैं, तय की जाएगी।
यह कदम त्रिपुरा में पुलिस कार्यप्रणाली की बढ़ती जांच को दर्शाता है, जहाँ मानवाधिकार संगठनों ने पारदर्शिता और प्रक्रिया के पालन की माँग की है।
आयोग ने कहा कि वह डीजीपी की रिपोर्ट की समीक्षा करेगा और उसके बाद आवश्यक कदम उठाएगा, जिससे राज्य में नागरिक स्वतंत्रताओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।