📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Adv.tksujith
राजनीति
त्रिपुरा सीपीआई(एम) ने पश्चिम बंगाल, बिहार-शैली के SIR पर विरोध जताया
✍️ indiatodayne.in
🗓 10 अग. 2026, 03:36 PM
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त्रिपुरा के कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सिस्ट) ने पश्चिम बंगाल और बिहार में चल रहे राज्य-आधारित समेकित पंजीकरण (SIR) को लागू करने के प्रस्ताव का विरोध किया है। पार्टी का मानना है कि यह कदम मतदाता गोपनीयता और चुनावी अखंडता को खतरे में डाल सकता है।
त्रिपुरा के कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सिस्ट) ने राज्य-आधारित समेकित पंजीकरण (SIR) को लागू करने के प्रस्ताव के खिलाफ कड़ा विरोध जताया है, जो पश्चिम बंगाल और बिहार में अपनाया गया है।
पार्टी के नेताओं का कहना है कि SIR संवेदनशील मतदाता जानकारी को उजागर कर सकता है और चुनावी धोखाधड़ी को बढ़ावा दे सकता है। वे यह भी तर्क देते हैं कि त्रिपुरा में मौजूदा मतदाता पंजीकरण ढांचा पर्याप्त है और प्रस्तावित बदलाव मौजूदा चुनावी प्रक्रिया को बाधित कर सकते हैं।
SIR प्रस्ताव को कई भारतीय राज्यों में बहस का विषय बनाया गया है, जहां समर्थक बेहतर डेटा प्रबंधन और पारदर्शिता का हवाला देते हैं। फिर भी, त्रिपुरा CPI(एम) का मानना है कि किसी भी ऐसी प्रणाली को मतदाता गोपनीयता की रक्षा के लिए कड़े सुरक्षा उपायों के साथ लागू किया जाना चाहिए।
यह कदम तब आया है जब चुनाव आयोग भारत में SIR को राज्यों में अपनाने की व्यवहार्यता की समीक्षा कर रहा है। त्रिपुरा की राजनीतिक परिदृश्य इस मुद्दे पर विभाजित है, जहां विपक्षी दल सतर्क दृष्टिकोण की मांग कर रहे हैं।
पार्टी के नेताओं का कहना है कि SIR संवेदनशील मतदाता जानकारी को उजागर कर सकता है और चुनावी धोखाधड़ी को बढ़ावा दे सकता है। वे यह भी तर्क देते हैं कि त्रिपुरा में मौजूदा मतदाता पंजीकरण ढांचा पर्याप्त है और प्रस्तावित बदलाव मौजूदा चुनावी प्रक्रिया को बाधित कर सकते हैं।
SIR प्रस्ताव को कई भारतीय राज्यों में बहस का विषय बनाया गया है, जहां समर्थक बेहतर डेटा प्रबंधन और पारदर्शिता का हवाला देते हैं। फिर भी, त्रिपुरा CPI(एम) का मानना है कि किसी भी ऐसी प्रणाली को मतदाता गोपनीयता की रक्षा के लिए कड़े सुरक्षा उपायों के साथ लागू किया जाना चाहिए।
यह कदम तब आया है जब चुनाव आयोग भारत में SIR को राज्यों में अपनाने की व्यवहार्यता की समीक्षा कर रहा है। त्रिपुरा की राजनीतिक परिदृश्य इस मुद्दे पर विभाजित है, जहां विपक्षी दल सतर्क दृष्टिकोण की मांग कर रहे हैं।