📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / AmanAgrahari01
जीवनशैली
परम्परागत भारतीय शादी के गीत धीरे-धीरे भूल रहे हैं?
✍️ News18
🗓 18 अक्टू. 2026, 04:03 AM
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News18 ने बताया कि भारत के पारम्परिक शादी के गीत अब कम सुने जा रहे हैं।
News18 ने यह उजागर किया है कि भारतीय शादियों में परम्परागत गाने धीरे‑धीरे कम सुनाए जा रहे हैं। यह मीडिया रिपोर्ट इस बदलाव को एक सांस्कृतिक प्रश्न के रूप में प्रस्तुत करती है, यह पूछते हुए कि क्या ये पुरानी धुनें समय के साथ खो रही हैं।
ऐसे गानों का शादियों के विभिन्न चरणों – बारात, सात फेरे और विदाई – में विशेष महत्व रहा है। इनके शब्दों में अक्सर आशीर्वाद, लोककथाएँ और पीढ़ियों के मूल्य समाहित होते हैं, जो नवविवाहित जोड़े को इतिहास से जोड़ते हैं।
लेख में इन संगीत रूपों को संरक्षित करने की आवश्यकता पर बल दिया गया है, और परिवार, संगीतकार तथा सांस्कृतिक संस्थाओं को भविष्य की पीढ़ियों के लिए इन्हें जीवित रखने की भूमिका निभाने का आह्वान किया गया है।
ऐसे गानों का शादियों के विभिन्न चरणों – बारात, सात फेरे और विदाई – में विशेष महत्व रहा है। इनके शब्दों में अक्सर आशीर्वाद, लोककथाएँ और पीढ़ियों के मूल्य समाहित होते हैं, जो नवविवाहित जोड़े को इतिहास से जोड़ते हैं।
लेख में इन संगीत रूपों को संरक्षित करने की आवश्यकता पर बल दिया गया है, और परिवार, संगीतकार तथा सांस्कृतिक संस्थाओं को भविष्य की पीढ़ियों के लिए इन्हें जीवित रखने की भूमिका निभाने का आह्वान किया गया है।