📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Sournoise98
स्थानीय
शिलांग में तिब्बती समुदाय ने कार्यकर्ता लोबगा रैंगज़ेन के लिए मोमबत्ती जुलूस आयोजित किया
✍️ indiatodayne.in
🗓 13 अग. 2026, 02:37 PM
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शिलांग में तिब्बती समुदाय ने कार्यकर्ता लोबगा रैंगज़ेन की याद में मोमबत्ती जुलूस आयोजित किया, शहर के केंद्रीय चौक में जुटे।
शिलांग के केंद्रीय चौक में एक शांत शाम को तिब्बती प्रवासी समुदाय ने कार्यकर्ता लोबगा रैंगज़ेन की याद में मोमबत्ती जुलूस आयोजित किया। इस कार्यक्रम में समुदाय के नेता, स्थानीय निवासी और मानवाधिकार समर्थक शामिल हुए।
लोबगा रैंगज़ेन एक प्रमुख तिब्बती कार्यकर्ता थे, जो सांस्कृतिक संरक्षण और राजनीतिक स्वतंत्रता के लिए अपनी वकालत के लिए जाने जाते थे। उनके कार्यों को तिब्बती समुदाय और मानवाधिकार संगठनों दोनों में मान्यता मिली।
जुलूस के दौरान प्रतिभागियों ने मोमबत्तियाँ जलाकर रैंगज़ेन के योगदान पर संक्षिप्त विचार साझा किए। स्थानीय अधिकारियों ने भी समारोह में हिस्सा लिया, अपनी संवेदनाएँ व्यक्त कीं और इस तरह की समुदायिक एकजुटता के महत्व को स्वीकार किया।
यह सभा तिब्बती कार्यकर्ताओं द्वारा सामना की जाने वाली चल रही चुनौतियों की याद दिलाती है और भारत में उनके कारणों को जीवित रखने में प्रवासी समुदायों की भूमिका को उजागर करती है।
लोबगा रैंगज़ेन एक प्रमुख तिब्बती कार्यकर्ता थे, जो सांस्कृतिक संरक्षण और राजनीतिक स्वतंत्रता के लिए अपनी वकालत के लिए जाने जाते थे। उनके कार्यों को तिब्बती समुदाय और मानवाधिकार संगठनों दोनों में मान्यता मिली।
जुलूस के दौरान प्रतिभागियों ने मोमबत्तियाँ जलाकर रैंगज़ेन के योगदान पर संक्षिप्त विचार साझा किए। स्थानीय अधिकारियों ने भी समारोह में हिस्सा लिया, अपनी संवेदनाएँ व्यक्त कीं और इस तरह की समुदायिक एकजुटता के महत्व को स्वीकार किया।
यह सभा तिब्बती कार्यकर्ताओं द्वारा सामना की जाने वाली चल रही चुनौतियों की याद दिलाती है और भारत में उनके कारणों को जीवित रखने में प्रवासी समुदायों की भूमिका को उजागर करती है।