📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Digital Media Telangana Government
राजनीति
तीन युवाओं ने केसीआर की मुख्यमंत्री वापसी की मांग में पदयात्रा शुरू की
✍️ telanganatoday.com
🗓 05 अक्टू. 2026, 05:17 AM
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तीन युवा कार्यकर्ताओं ने केसीआर को फिर से मुख्यमंत्री बनाने की मांग में तेलंगाना में पदयात्रा शुरू की है।
हैदराबाद – शनिवार को तीन युवाओं ने पदयात्रा शुरू की, जिसका उद्देश्य के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) को फिर से तेलंगाना के मुख्यमंत्री बनाना है। इनका नाम सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन वे राज्य के कई जिलों में चलकर लोगों से समर्थन जुटाने और सार्वजनिक सभाएँ आयोजित करने की योजना बना रहे हैं।
आयोजकों का कहना है कि वर्तमान सरकार द्वारा किए गए विकास कार्यों से कुछ वर्ग असंतुष्ट हैं, इसलिए वे इस पदयात्रा के माध्यम से अपनी मांग को उजागर करना चाहते हैं। उनका लक्ष्य राजधानी में पहुँच कर ruling party के नेतृत्व को याचिका प्रस्तुत करना है।
अब तक तेलंगाना सरकार या भारत राष्ट्र समिति से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली है। विशेषज्ञों का मानना है कि पदयात्रा का उपयोग अक्सर राजनीतिक आंदोलन में किया जाता रहा है, परन्तु छोटे, युवा‑आधारित इस पहल का प्रभाव अभी स्पष्ट नहीं है।
पदयात्रा कई सौ किलोमीटर को कवर करेगी और अगले कुछ हफ्तों में जारी रहेगी। प्रतिभागियों और जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय पुलिस के साथ सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
यदि यह आंदोलन सफल होता है, तो यह तेलंगाना में नेतृत्व की निरंतरता और आगामी चुनावी माहौल पर नई चर्चा को जन्म दे सकता है।
आयोजकों का कहना है कि वर्तमान सरकार द्वारा किए गए विकास कार्यों से कुछ वर्ग असंतुष्ट हैं, इसलिए वे इस पदयात्रा के माध्यम से अपनी मांग को उजागर करना चाहते हैं। उनका लक्ष्य राजधानी में पहुँच कर ruling party के नेतृत्व को याचिका प्रस्तुत करना है।
अब तक तेलंगाना सरकार या भारत राष्ट्र समिति से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली है। विशेषज्ञों का मानना है कि पदयात्रा का उपयोग अक्सर राजनीतिक आंदोलन में किया जाता रहा है, परन्तु छोटे, युवा‑आधारित इस पहल का प्रभाव अभी स्पष्ट नहीं है।
पदयात्रा कई सौ किलोमीटर को कवर करेगी और अगले कुछ हफ्तों में जारी रहेगी। प्रतिभागियों और जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय पुलिस के साथ सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
यदि यह आंदोलन सफल होता है, तो यह तेलंगाना में नेतृत्व की निरंतरता और आगामी चुनावी माहौल पर नई चर्चा को जन्म दे सकता है।