📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Shekhark20
धर्म
मध्यम प्रदेश से जुड़े भगवान श्रीकृष्ण के तीन प्रमुख पटरानी: धार, रायसेन और उज्जैन
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 04 सित. 2026, 07:02 AM
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भगवान श्रीकृष्ण की आठ प्रमुख पटरानियों में से तीन धारा, रायसेन और उज्जैन से जुड़ी हैं, जहाँ आज भी प्राचीन मंदिर और कथाएँ जीवंत हैं।
धार्मिक विद्वानों के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण की आठ प्रमुख पटरानियों में से तीन का इतिहासिक संबंध मध्य प्रदेश से जोड़ा गया है। इन स्थानों में धारा, रायसेन और प्राचीन शहर उज्जैन शामिल हैं, जहाँ प्रत्येक में ऐसे मंदिर और मौखिक परम्पराएँ मौजूद हैं जो देवता की कथाओं से जुड़ी हैं।
धारा में एक सदियों पुराना मंदिर है, जिसे स्थानीय किंवदंतियों में कृष्ण के बाल्यकाल के लीलाओं के स्थान के रूप में बताया जाता है। बीता नदी के किनारे स्थित रायसेन में एक मंदिर है, जहाँ लोककथाओं में कहा गया है कि कृष्ण ने यहाँ के ऋषियों के साथ संवाद किया था। उज्जैन, जो एक प्रमुख धार्मिक केंद्र है, में एक मंदिर परिसर है जो कृष्ण के जीवन को समर्पित प्रमुख उत्सवों के दौरान श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है।
इन तीनों स्थलों पर विशेष वैष्णव पर्वों के दौरान निरंतर तीर्थयात्री आते हैं, जिससे मध्य प्रदेश को कृष्ण तीर्थ यात्रा के व्यापक परिप्रेक्ष्य में एक महत्वपूर्ण भूमिका मिलती है। इन स्थलों की निरंतर पूजा-आस्था राज्य की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को सुदृढ़ करती है।
धारा में एक सदियों पुराना मंदिर है, जिसे स्थानीय किंवदंतियों में कृष्ण के बाल्यकाल के लीलाओं के स्थान के रूप में बताया जाता है। बीता नदी के किनारे स्थित रायसेन में एक मंदिर है, जहाँ लोककथाओं में कहा गया है कि कृष्ण ने यहाँ के ऋषियों के साथ संवाद किया था। उज्जैन, जो एक प्रमुख धार्मिक केंद्र है, में एक मंदिर परिसर है जो कृष्ण के जीवन को समर्पित प्रमुख उत्सवों के दौरान श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है।
इन तीनों स्थलों पर विशेष वैष्णव पर्वों के दौरान निरंतर तीर्थयात्री आते हैं, जिससे मध्य प्रदेश को कृष्ण तीर्थ यात्रा के व्यापक परिप्रेक्ष्य में एक महत्वपूर्ण भूमिका मिलती है। इन स्थलों की निरंतर पूजा-आस्था राज्य की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को सुदृढ़ करती है।