📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Original: Ravan Khosa
Derivative work: Aristeas
बिज़नेस
बिशप के साथ संघर्ष के बाद तीन ननें शुरू करें कपड़ों का ब्रांड
✍️ The Indian Express
🗓 15 सित. 2026, 04:16 AM
👁 9
बिशप के खिलाफ आवाज उठाने के कारण बहिष्कृत हुई तीन ननें अब अपना कपड़ों का ब्रांड शुरू कर रही हैं, जिससे धार्मिक विवाद से व्यापार की दिशा में बदलाव दिखता है।
भारत की तीन कैथोलिक ननें, जिन्होंने बिशप के खिलाफ आवाज उठाने के बाद सामाजिक बहिष्कार झेला, अब फैशन की दुनिया में कदम रख रही हैं और अपना कपड़ों का ब्रांड स्थापित किया है। यह उद्यम उनके धार्मिक विवाद से हटकर आत्मनिर्भरता की दिशा में एक व्यावसायिक पहल को दर्शाता है। ब्रांड के उत्पादों के बारे में अभी सीमित जानकारी उपलब्ध है, पर ननें कहती हैं कि यह पहल उनके समुदाय कार्य को समर्थन देने और आय उत्पन्न करने में मदद करेगी।
बिशप के साथ उनका टकराव, जो कि चर्च के शासन‑प्रणाली पर असहमति से उत्पन्न हुआ, ने उन्हें सामाजिक बहिष्कार की स्थिति में डाल दिया। वित्तीय समर्थन के लिए उन्होंने महीनों तक विचार किया और अंततः कपड़ों की लाइन शुरू करने का निर्णय लिया, जिससे वे अपनी वचनबद्धताओं को बिना समझौता किए आर्थिक रूप से स्थिर रह सकें।
उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में धार्मिक व्यक्तियों का उद्यमिता में कदम रखना दुर्लभ है, और ननें का ब्रांड अन्य हाशिए पर रहने वाले धार्मिक कर्मियों को समान पहल करने के लिए प्रेरित कर सकता है। यह पहल विश्वास‑आधारित समुदायों से उभरते सामाजिक उद्यमों की व्यापक प्रवृत्ति को भी उजागर करती है।
ननें ने अभी तक ब्रांड का नाम या वितरण चैनल नहीं बताया है, पर उन्होंने ज़ोर दिया कि लाभ को पुनः चैरिटेबल कार्यों में निवेश किया जाएगा। उनका यह कदम संस्थागत कठिनाइयों के सामने दृढ़ता का प्रतीक है, जो आध्यात्मिकता को आर्थिक सशक्तिकरण के साथ जोड़ता है।
बिशप के साथ उनका टकराव, जो कि चर्च के शासन‑प्रणाली पर असहमति से उत्पन्न हुआ, ने उन्हें सामाजिक बहिष्कार की स्थिति में डाल दिया। वित्तीय समर्थन के लिए उन्होंने महीनों तक विचार किया और अंततः कपड़ों की लाइन शुरू करने का निर्णय लिया, जिससे वे अपनी वचनबद्धताओं को बिना समझौता किए आर्थिक रूप से स्थिर रह सकें।
उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में धार्मिक व्यक्तियों का उद्यमिता में कदम रखना दुर्लभ है, और ननें का ब्रांड अन्य हाशिए पर रहने वाले धार्मिक कर्मियों को समान पहल करने के लिए प्रेरित कर सकता है। यह पहल विश्वास‑आधारित समुदायों से उभरते सामाजिक उद्यमों की व्यापक प्रवृत्ति को भी उजागर करती है।
ननें ने अभी तक ब्रांड का नाम या वितरण चैनल नहीं बताया है, पर उन्होंने ज़ोर दिया कि लाभ को पुनः चैरिटेबल कार्यों में निवेश किया जाएगा। उनका यह कदम संस्थागत कठिनाइयों के सामने दृढ़ता का प्रतीक है, जो आध्यात्मिकता को आर्थिक सशक्तिकरण के साथ जोड़ता है।