📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Contributers2020
स्थानीय
महाराष्ट्र के पहाड़ी पर फोन विवाद में परिवार के तीन सदस्य मारे गए
✍️ The Times of India
🗓 22 अग. 2026, 04:36 AM
👁 7
एक महंगे फोन को लेकर किशोर के गुस्से ने महाराष्ट्र के पहाड़ी पर तीन घंटे की बचाव कोशिश को जन्म दिया, जिसमें किशोर और दोनों माता‑पिता की मौत हो गई।
महाराष्ट्र के एक पहाड़ी पर एक किशोर के महंगे मोबाइल फोन को लेकर गुस्से में पड़ने से उत्पन्न हुई घटना में पूरे परिवार के तीन सदस्यों की जान चली गई। स्थानीय पुलिस ने बताया कि किशोर के इस झगड़े ने उसके माता‑पिता को स्थिति संभालने के लिए मजबूर किया।
गवाहों के अनुसार, माता‑पिता ने लगभग तीन घंटे तक अपने बच्चे को सुरक्षित स्थान पर लाने की कोशिश की, जब वह ढलान के खतरनाक हिस्से में फँस गया। लेकिन अस्थिर जमीन और खड़ी ढलान के कारण सभी तीनों का गिरना हुआ और वे घातक रूप से घायल हो गए।
बचाव दल की पहुंच के बाद भी शवों को खोजने में काफी समय लगा, और अंततः उन्हें निकाल लिया गया। पुलिस ने इस घटना की पूरी जांच शुरू कर दी है, जिसमें फोन के विवाद और पहाड़ी की सुरक्षा स्थितियों की भूमिका पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
स्थानीय लोगों ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया और पहाड़ी क्षेत्रों में सतर्कता बरतने की अपील की, विशेषकर जब भावनाएँ उग्र हों। अधिकारियों ने भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा उपायों और जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया है।
यह घटना इस बात की चेतावनी देती है कि व्यक्तिगत टकराव भी कठिन भूभाग में जीवन‑धमकी वाली आपात स्थितियों में बदल सकते हैं।
गवाहों के अनुसार, माता‑पिता ने लगभग तीन घंटे तक अपने बच्चे को सुरक्षित स्थान पर लाने की कोशिश की, जब वह ढलान के खतरनाक हिस्से में फँस गया। लेकिन अस्थिर जमीन और खड़ी ढलान के कारण सभी तीनों का गिरना हुआ और वे घातक रूप से घायल हो गए।
बचाव दल की पहुंच के बाद भी शवों को खोजने में काफी समय लगा, और अंततः उन्हें निकाल लिया गया। पुलिस ने इस घटना की पूरी जांच शुरू कर दी है, जिसमें फोन के विवाद और पहाड़ी की सुरक्षा स्थितियों की भूमिका पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
स्थानीय लोगों ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया और पहाड़ी क्षेत्रों में सतर्कता बरतने की अपील की, विशेषकर जब भावनाएँ उग्र हों। अधिकारियों ने भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा उपायों और जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया है।
यह घटना इस बात की चेतावनी देती है कि व्यक्तिगत टकराव भी कठिन भूभाग में जीवन‑धमकी वाली आपात स्थितियों में बदल सकते हैं।