📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / HridoyKundu
धर्म
कोलकाता में 19 की मौत के बाद तीन दुर्गा पूजा समितियों ने जारी किए आग सुरक्षा नोटिस
✍️ Mid-Day
🗓 20 अक्टू. 2026, 12:37 AM
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कोलकाता में दुर्गा पूजा के तीन आयोजन समितियों ने 19 लोगों की मौत के बाद आग सुरक्षा नोटिस जारी किए हैं।
कोलकाता में दुर्गा पूजा के तीन आयोजन समितियों ने इस हफ्ते औपचारिक आग‑सुरक्षा नोटिस जारी किए, जिसमें पंडाल आयोजकों से विद्युत तारों की जाँच, खुली लौ के उपयोग पर रोक और भीड़‑नियंत्रण उपायों को कड़ा करने का आग्रह किया गया है। यह नोटिस 19 लोगों की मौत का कारण बनी भयानक भीड़‑भाड़ वाली घटना के कुछ ही दिनों बाद जारी किया गया, जिससे त्योहार के दौरान सुरक्षा मानकों पर नई नजर रखी गई है।
स्टैम्पेड पिछले [तारीख उपलब्ध नहीं] को शहर के उत्तर‑पूर्वी क्षेत्र के एक भीड़भाड़ वाले पंडाल में हुआ, जहाँ अचानक भीड़ के धक्का से मुख्य प्रवेश द्वार के पास लोगों का दबाव बन गया। आपातकालीन सेवाओं ने कई लोगों को बचाया, पर 19 पीड़ित गंभीर चोटों के कारण बचाव के बाद भी नहीं बच सके।
तीन समितियों ने अपने बयानों में कहा कि यह आग‑सुरक्षा निर्देश जीवन और संपत्ति की रक्षा के लिए हैं, क्योंकि शहर में हर दिन हजारों भक्त पूजा में भाग लेते हैं। उन्होंने सभी पंडाल मालिकों से एक हफ्ते के भीतर अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा और नियमों का उल्लंघन करने पर अनुमति रद्द करने की चेतावनी दी।
स्थानीय प्राधिकारियों ने इस पहल का स्वागत किया, यह कहते हुए कि स्टैम्पेड ने भीड़‑प्रबंधन और आपातकालीन प्रतिक्रिया में मौजूद खामियों को उजागर किया है। पुलिस और नगरपालिका अधिकारी इस त्रासदी के कारणों की जांच जारी रखे हुए हैं और पंडाल समितियों के साथ मिलकर प्रमुख दुर्गा पूजा दिनों से पहले नई सुरक्षा उपायों को लागू करने का समन्वय कर रहे हैं।
स्टैम्पेड पिछले [तारीख उपलब्ध नहीं] को शहर के उत्तर‑पूर्वी क्षेत्र के एक भीड़भाड़ वाले पंडाल में हुआ, जहाँ अचानक भीड़ के धक्का से मुख्य प्रवेश द्वार के पास लोगों का दबाव बन गया। आपातकालीन सेवाओं ने कई लोगों को बचाया, पर 19 पीड़ित गंभीर चोटों के कारण बचाव के बाद भी नहीं बच सके।
तीन समितियों ने अपने बयानों में कहा कि यह आग‑सुरक्षा निर्देश जीवन और संपत्ति की रक्षा के लिए हैं, क्योंकि शहर में हर दिन हजारों भक्त पूजा में भाग लेते हैं। उन्होंने सभी पंडाल मालिकों से एक हफ्ते के भीतर अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा और नियमों का उल्लंघन करने पर अनुमति रद्द करने की चेतावनी दी।
स्थानीय प्राधिकारियों ने इस पहल का स्वागत किया, यह कहते हुए कि स्टैम्पेड ने भीड़‑प्रबंधन और आपातकालीन प्रतिक्रिया में मौजूद खामियों को उजागर किया है। पुलिस और नगरपालिका अधिकारी इस त्रासदी के कारणों की जांच जारी रखे हुए हैं और पंडाल समितियों के साथ मिलकर प्रमुख दुर्गा पूजा दिनों से पहले नई सुरक्षा उपायों को लागू करने का समन्वय कर रहे हैं।