📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Kartik chauhandehra
राजनीति
जहरखंड मतदाता सूची में SIR जांच में मिले तीन अफगान नाम
✍️ ndtv.com
🗓 10 सित. 2026, 03:03 AM
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जहरखंड की मतदाता सूची की हालिया SIR जांच में तीन अफगान नागरिकों के नाम पाए गए, जिससे सूची की शुद्धता पर सवाल उठे।
जहरखंड की मतदाता सूची पर किए गए सिस्टमेटिक इंटेग्रिटी रिव्यू (SIR) में तीन अफगान नागरिकों के नाम पाए गए, जो राज्य के चुनावी रजिस्टर में मौजूद थे। यह जानकारी चुनाव आयोग के जहरखंड कार्यालय ने एक नियमित सफाई अभियान के दौरान उजागर की, जिसका उद्देश्य डुप्लिकेट और अयोग्य प्रविष्टियों को हटाना था।
अधिकारियों ने बताया कि इन नामों के साथ भारतीय नागरिकता का कोई दस्तावेज़ नहीं मिला, जो मतदाता पंजीकरण के लिए अनिवार्य है। आयोग ने इन व्यक्तियों की पहचान और पात्रता की पुष्टि करने के लिए एक जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है और गैर‑कानूनी प्रविष्टियों को हटाने का कदम उठाया है।
यह खोज देश भर में मतदाता सूची की कड़ी जांच की मांग को और तेज़ कर रही है, खासकर आगामी राज्य और राष्ट्रीय चुनावों के पूर्व। अभी तक कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई है, पर आयोग ने बताया कि धोखाधड़ी वाली पंजीकरण पर प्रतिनिधि लोगों के अधिनियम के तहत दंड हो सकता है।
राजनीतिक दलों और नागरिक समाज समूहों ने भी अधिकारियों से आग्रह किया है कि विदेशी नागरिकों को मतदाता सूची से बाहर रखा जाए, ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में जनता का भरोसा बना रहे।
जहरखंड चुनाव आयोग ने उन विशिष्ट निर्वाचन क्षेत्रों का खुलासा नहीं किया जहाँ ये नाम पाए गए, क्योंकि प्रक्रिया की गोपनीयता को बनाए रखना आवश्यक है, पर उन्होंने आश्वासन दिया कि अगले चुनाव चक्र से पहले सभी सुधारात्मक कदम पूरे कर लिये जाएंगे।
अधिकारियों ने बताया कि इन नामों के साथ भारतीय नागरिकता का कोई दस्तावेज़ नहीं मिला, जो मतदाता पंजीकरण के लिए अनिवार्य है। आयोग ने इन व्यक्तियों की पहचान और पात्रता की पुष्टि करने के लिए एक जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है और गैर‑कानूनी प्रविष्टियों को हटाने का कदम उठाया है।
यह खोज देश भर में मतदाता सूची की कड़ी जांच की मांग को और तेज़ कर रही है, खासकर आगामी राज्य और राष्ट्रीय चुनावों के पूर्व। अभी तक कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई है, पर आयोग ने बताया कि धोखाधड़ी वाली पंजीकरण पर प्रतिनिधि लोगों के अधिनियम के तहत दंड हो सकता है।
राजनीतिक दलों और नागरिक समाज समूहों ने भी अधिकारियों से आग्रह किया है कि विदेशी नागरिकों को मतदाता सूची से बाहर रखा जाए, ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में जनता का भरोसा बना रहे।
जहरखंड चुनाव आयोग ने उन विशिष्ट निर्वाचन क्षेत्रों का खुलासा नहीं किया जहाँ ये नाम पाए गए, क्योंकि प्रक्रिया की गोपनीयता को बनाए रखना आवश्यक है, पर उन्होंने आश्वासन दिया कि अगले चुनाव चक्र से पहले सभी सुधारात्मक कदम पूरे कर लिये जाएंगे।