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धुबरी के आलमगंज में अतिक्रमण मुक्ति अभियान के दौरान बेदखल लोगों ने मस्जिद‑मजार की सुरक्षा की अपील
आलमगंज पार्ट‑9 में सरकारी जमीन की अतिक्रमण मुक्ति के लिए चलाए गए बड़े पैमाने के बेदखली अभियान में सैकड़ों परिवारों ने धार्मिक स्थलों को बचाने की प्रार्थना की।
धुबरी जिले के गौरीपुर राजस्व चक्र के अंतर्गत स्थित आलमगंज पार्ट‑9 में सरकार द्वारा सैकड़ों बीघा सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त करने के उद्देश्य से बड़े पैमाने पर बेदखली अभियान चलाया गया। इस अभियान में कई भारी मशीनें और खोदने वाली मशीनें तैनात की गईं, जिससे पूरे इलाके में तनावपूर्ण माहौल उत्पन्न हो गया।
बेदखल किए गए सैकड़ों परिवार अपने आशियाने खोने के दुःख में एकत्रित होकर नजदीकी मस्जिद और मजार के चारों ओर लिपट गए। वे फूट‑फूट कर रोते हुए अल्लाह से प्रार्थना करने लगे, “हमारे मजार और दरगाह की रक्षा करें” की पुकार करते हुए।
स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से अपील की कि घर‑बार तोड़ने में उन्हें कोई आपत्ति नहीं है, परंतु पवित्र मस्जिद और मजार को नष्ट न किया जाए। उन्होंने आँसू भरी आवाज़ में कहा, “हमारे घर‑बार तोड़ना है तो तोड़ दीजिए, पर हमारी धार्मिक स्थलों को न तोड़िए।”
प्रशासन ने पहले ही नोटिस जारी कर दिया था और रविवार सुबह से पुलिस व अर्धसैनिक बलों की बड़ी तैनाती के साथ भारी मशीनरी इलाके में पहुंची। कई परिवारों को अपने घरों के टीन और छत स्वयं खोलकर अन्यत्र ले जाना पड़ा। कानून‑व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं, परंतु बेदखली के दौरान धार्मिक स्थलों को खोने के डर से माहौल अभी भी गंभीर बना हुआ है।
बेदखल किए गए सैकड़ों परिवार अपने आशियाने खोने के दुःख में एकत्रित होकर नजदीकी मस्जिद और मजार के चारों ओर लिपट गए। वे फूट‑फूट कर रोते हुए अल्लाह से प्रार्थना करने लगे, “हमारे मजार और दरगाह की रक्षा करें” की पुकार करते हुए।
स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से अपील की कि घर‑बार तोड़ने में उन्हें कोई आपत्ति नहीं है, परंतु पवित्र मस्जिद और मजार को नष्ट न किया जाए। उन्होंने आँसू भरी आवाज़ में कहा, “हमारे घर‑बार तोड़ना है तो तोड़ दीजिए, पर हमारी धार्मिक स्थलों को न तोड़िए।”
प्रशासन ने पहले ही नोटिस जारी कर दिया था और रविवार सुबह से पुलिस व अर्धसैनिक बलों की बड़ी तैनाती के साथ भारी मशीनरी इलाके में पहुंची। कई परिवारों को अपने घरों के टीन और छत स्वयं खोलकर अन्यत्र ले जाना पड़ा। कानून‑व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं, परंतु बेदखली के दौरान धार्मिक स्थलों को खोने के डर से माहौल अभी भी गंभीर बना हुआ है।