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दिवाली से पहले सरकार का खजाना हुआ मालामाल: जीएसटी संग्रह में 23% की रिकॉर्ड बढ़ोतरी
अक्टूबर में जीएसटी संग्रह 2,31,450 करोड़ रुपये तक पहुँच गया, जो पिछले वर्ष के समान अवधि से 23% अधिक है।
अक्टूबर में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) का संग्रह 2,31,450 करोड़ रुपये तक पहुँचकर पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 23 प्रतिशत की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की। यह आंकड़ा चालू वित्त वर्ष में अप्रैल के बाद दूसरा सबसे बड़ा मासिक संग्रह है।
अक्टूबर के इस रिकॉर्ड में सकल जीएसटी संग्रह में 23 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि शुद्ध जीएसटी संग्रह लगभग 2,03,000 करोड़ रुपये तक पहुँचा। केंद्रीय जीएसटी, राज्य जीएसटी और एकीकृत जीएसटी का योगदान उल्लेखनीय रहा, और रिफंड में भी 6.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
इस बढ़ोतरी का मुख्य कारण घरेलू कारोबार में तेजी और त्योहारी खरीदारी का बढ़ना माना जा रहा है। वित्त मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल से अक्टूबर की अवधि में कुल जीएसटी संग्रह में 13.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, और कुल संग्रह 14,77,000 करोड़ रुपये से अधिक रहा।
ये आँकड़े देश की आर्थिक गतिविधियों में मजबूती के संकेत देते हैं और दर्शाते हैं कि त्योहारी मांग ने जीएसटी संग्रह को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया है।
अक्टूबर के इस रिकॉर्ड में सकल जीएसटी संग्रह में 23 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि शुद्ध जीएसटी संग्रह लगभग 2,03,000 करोड़ रुपये तक पहुँचा। केंद्रीय जीएसटी, राज्य जीएसटी और एकीकृत जीएसटी का योगदान उल्लेखनीय रहा, और रिफंड में भी 6.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
इस बढ़ोतरी का मुख्य कारण घरेलू कारोबार में तेजी और त्योहारी खरीदारी का बढ़ना माना जा रहा है। वित्त मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल से अक्टूबर की अवधि में कुल जीएसटी संग्रह में 13.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, और कुल संग्रह 14,77,000 करोड़ रुपये से अधिक रहा।
ये आँकड़े देश की आर्थिक गतिविधियों में मजबूती के संकेत देते हैं और दर्शाते हैं कि त्योहारी मांग ने जीएसटी संग्रह को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया है।