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दतिया: टीएल बैठक में कलेक्टर ने लख्खी मेले की तैयारियों और स्वामित्व योजना की समीक्षा की
कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े ने दतिया में आयोजित टीएल बैठक में 9 नवंबर से शुरू होने वाले रतनगढ़ माता मंदिर के लख्खी मेले की तैयारियों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया। साथ ही, स्वामित्व योजना में प्रगति लाने और लंबित प्रकरणों के निराकरण के लिए विभागीय अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए।
दतिया के कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कलेक्टर श्री स्वप्निल वानखेड़े की अध्यक्षता में आज एक महत्वपूर्ण टीएल बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में 9 नवंबर से रतनगढ़ माता मंदिर पर आयोजित होने वाले प्रसिद्ध लख्खी मेले की तैयारियों सहित विभिन्न विभागों के कार्यों और समय-सीमा के लंबित प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी विभागीय अधिकारियों को अपने-अपने दायरे में कार्य करने का निर्देश दिया।
मेले की व्यवस्थाओं को लेकर कलेक्टर ने तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने आवंटित क्षेत्रों का पूर्व भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लेने का निर्देश दिया। उन्होंने बंदरों के रेस्क्यू के लिए पर्याप्त पिंजरों और टीम की व्यवस्था, बांध से नदी में पानी नहीं छोड़ने के लिए संबंधित अधिकारियों से समन्वय, और खाद्य सामग्री की नियमित जांच के कड़े आदेश दिए। इसके अलावा, मंदिर क्षेत्र की दुकानों में गैस सिलेंडर और ज्वलनशील पदार्थों के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने की बात भी कही गई।
बैठक में स्वामित्व योजना और मंडियों की व्यवस्था पर विशेष जोर दिया गया। कलेक्टर ने राजस्व अधिकारियों को बुधवार तक लक्ष्य के अनुरूप कार्य करने के निर्देश दिए। मंडियों का नियमित निरीक्षण कर किसानों को उपज का उचित मूल्य और समय पर भुगतान सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया। एमएसपी से कम दर पर खरीदी और कच्ची पर्ची से भुगतान जैसी अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए।
सीएम हेल्पलाइन और लंबित प्रकरणों के निराकरण में लापरवाही पर सख्ती बरतने के निर्देश भी जारी किए गए। नल-जल योजनाओं, पेंशन, बिजली बिलों के भुगतान, आरसीएमएस, लोक सेवा गारंटी और सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा की गई। लंबित शिकायतों का समय-सीमा में निराकरण न करने पर संबंधित अधिकारियों पर जुर्माने की कार्रवाई के आदेश दिए गए। आगामी मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के तहत चिरूला में आयोजित होने वाले शिविर में सभी विभागों को अधिक से अधिक आवेदनों पर सुनवाई कर उनका निराकरण सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया गया।
मेले की व्यवस्थाओं को लेकर कलेक्टर ने तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने आवंटित क्षेत्रों का पूर्व भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लेने का निर्देश दिया। उन्होंने बंदरों के रेस्क्यू के लिए पर्याप्त पिंजरों और टीम की व्यवस्था, बांध से नदी में पानी नहीं छोड़ने के लिए संबंधित अधिकारियों से समन्वय, और खाद्य सामग्री की नियमित जांच के कड़े आदेश दिए। इसके अलावा, मंदिर क्षेत्र की दुकानों में गैस सिलेंडर और ज्वलनशील पदार्थों के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने की बात भी कही गई।
बैठक में स्वामित्व योजना और मंडियों की व्यवस्था पर विशेष जोर दिया गया। कलेक्टर ने राजस्व अधिकारियों को बुधवार तक लक्ष्य के अनुरूप कार्य करने के निर्देश दिए। मंडियों का नियमित निरीक्षण कर किसानों को उपज का उचित मूल्य और समय पर भुगतान सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया। एमएसपी से कम दर पर खरीदी और कच्ची पर्ची से भुगतान जैसी अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए।
सीएम हेल्पलाइन और लंबित प्रकरणों के निराकरण में लापरवाही पर सख्ती बरतने के निर्देश भी जारी किए गए। नल-जल योजनाओं, पेंशन, बिजली बिलों के भुगतान, आरसीएमएस, लोक सेवा गारंटी और सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा की गई। लंबित शिकायतों का समय-सीमा में निराकरण न करने पर संबंधित अधिकारियों पर जुर्माने की कार्रवाई के आदेश दिए गए। आगामी मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के तहत चिरूला में आयोजित होने वाले शिविर में सभी विभागों को अधिक से अधिक आवेदनों पर सुनवाई कर उनका निराकरण सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया गया।