दशहरा पर पर भी कर्तव्य पद पर डटे रहे सफाई कर्मी विकास बाबू ग्रामीणों ने की सराहना
ग्राम प्रधान ने उत्कृष्ट कार्य देखते हुए सम्मानित करने की की घोषणा
दशहरा पर भी कर्तव्य पथ पर डटे रहे सफाई कर्मी विकास बाबू, ग्रामीणों ने की सराहना
शाहबाद पावन पर्व दशहरा के अवसर पर जहां पूरा देश असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई की विजय का जश्न मना रहा था, वहीं दूसरी ओर चकरपुर भूड़ क्षेत्र में तैनात सफाई कर्मी विकास बाबू ने अपने समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा से स्वच्छता का एक अनूठा संदेश दिया। त्यौहार के दिन जब लोग खुशियों में सराबोर थे, विकास बाबू ने कोई छुट्टी नहीं ली और सुबह से ही गांव की साफ-सफाई के कार्य में मुस्तैदी से जुटे रहे।
त्यौहार के मौके पर भी अपने काम में लगे विकास बाबू से जब बातचीत की गई, तो उन्होंने बड़े ही सादगी भरे अंदाज़ में कहा— "ग्राम की सफाई करना और अपने क्षेत्र को स्वच्छ रखना मेरा पहला कर्तव्य है। त्यौहार अपनी जगह हैं, लेकिन अगर सफाई समय पर न हो तो ग्रामीणों को असुविधा होगी। मेरे लिए अपने काम को पूरी ईमानदारी से निभाना ही असली पूजा और पर्व है।"
विकास बाबू की इस अनूठी निष्ठा और सेवा भावना की चकरपुर के ग्रामीणों ने जमकर सराहना की। स्थानीय निवासियों का कहना है कि छुट्टी का दिन होने के बावजूद जिस लगन से विकास बाबू अपने काम में लगे रहे, वह हम सभी के लिए एक मिसाल है। त्यौहारों के समय सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी होने की संभावना बढ़ जाती है, ऐसे में उनकी यह मुस्तैदी बेहद काबिले तारीफ है।
ग्रामीणों ने नगर निगम और स्थानीय प्रशासन से मांग की है कि त्योहारों और विशेष अवसरों पर बिना विश्राम किए अपनी निष्ठा से समाज को स्वच्छ बनाने वाले ऐसे सच्चे कर्मयोगियों को सम्मानित किया जाना चाहिए। विकास बाबू के इस कदम ने न केवल चकरपुर भूड़ गांव को स्वच्छ बनाए रखा, बल्कि पूरे समाज को स्वच्छता बनाए रखने और अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहने का एक बड़ा संदेश भी दिया।
पावन पर्व दशहरा पर भी छुट्टी न लेकर सफाई कार्य में जुटे रहे।
विकास बाबू ने कहा— "ग्राम की सफाई करना ही मेरा प्रथम धर्म और कर्तव्य है
चकरपुर भूड़ के निवासियों ने काम की सराहना करते हुए सम्मानित करने की बात कही
शाहाबाद से राशिद अल्वी की रिपोर्ट
शाहबाद पावन पर्व दशहरा के अवसर पर जहां पूरा देश असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई की विजय का जश्न मना रहा था, वहीं दूसरी ओर चकरपुर भूड़ क्षेत्र में तैनात सफाई कर्मी विकास बाबू ने अपने समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा से स्वच्छता का एक अनूठा संदेश दिया। त्यौहार के दिन जब लोग खुशियों में सराबोर थे, विकास बाबू ने कोई छुट्टी नहीं ली और सुबह से ही गांव की साफ-सफाई के कार्य में मुस्तैदी से जुटे रहे।
त्यौहार के मौके पर भी अपने काम में लगे विकास बाबू से जब बातचीत की गई, तो उन्होंने बड़े ही सादगी भरे अंदाज़ में कहा— "ग्राम की सफाई करना और अपने क्षेत्र को स्वच्छ रखना मेरा पहला कर्तव्य है। त्यौहार अपनी जगह हैं, लेकिन अगर सफाई समय पर न हो तो ग्रामीणों को असुविधा होगी। मेरे लिए अपने काम को पूरी ईमानदारी से निभाना ही असली पूजा और पर्व है।"
विकास बाबू की इस अनूठी निष्ठा और सेवा भावना की चकरपुर के ग्रामीणों ने जमकर सराहना की। स्थानीय निवासियों का कहना है कि छुट्टी का दिन होने के बावजूद जिस लगन से विकास बाबू अपने काम में लगे रहे, वह हम सभी के लिए एक मिसाल है। त्यौहारों के समय सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी होने की संभावना बढ़ जाती है, ऐसे में उनकी यह मुस्तैदी बेहद काबिले तारीफ है।
ग्रामीणों ने नगर निगम और स्थानीय प्रशासन से मांग की है कि त्योहारों और विशेष अवसरों पर बिना विश्राम किए अपनी निष्ठा से समाज को स्वच्छ बनाने वाले ऐसे सच्चे कर्मयोगियों को सम्मानित किया जाना चाहिए। विकास बाबू के इस कदम ने न केवल चकरपुर भूड़ गांव को स्वच्छ बनाए रखा, बल्कि पूरे समाज को स्वच्छता बनाए रखने और अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहने का एक बड़ा संदेश भी दिया।
पावन पर्व दशहरा पर भी छुट्टी न लेकर सफाई कार्य में जुटे रहे।
विकास बाबू ने कहा— "ग्राम की सफाई करना ही मेरा प्रथम धर्म और कर्तव्य है
चकरपुर भूड़ के निवासियों ने काम की सराहना करते हुए सम्मानित करने की बात कही
शाहाबाद से राशिद अल्वी की रिपोर्ट