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दुर्गा पूजा पर भी धमौल का मुख्य मार्ग बदहाल, जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर सवाल
नवादा जिले के पकरीबरावां प्रखंड के ग्राम धमौल में दुर्गा पूजा के दौरान मुख्य मार्ग पर करकट से पटी सड़क की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। स्थानीय लोगों ने पंचायत प्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की लापरवाही पर सवाल उठाते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
नवादा जिले के पकरीबरावां प्रखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत धमौल में वर्षों से दुर्गा पूजा का आयोजन पारंपरिक श्रद्धा और आस्था के साथ होता आ रहा है। हालांकि, इस पावन अवसर पर जहां श्रद्धालु मां दुर्गा की आराधना में लीन रहते हैं, वहीं गांव के मुख्य मार्ग की बदहाल स्थिति लोगों की परेशानियां बढ़ा रही है। मुख्य मार्ग पर जगह-जगह करकट बिखरे पड़े होने से सड़क की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है, जिसके बावजूद अब तक इस समस्या के समाधान की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं दिखी है।
दुर्गा पूजा जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक त्योहार के दौरान जब श्रद्धालुओं और ग्रामीणों की आवाजाही बढ़ती है, तब सड़क पर बिखरे करकट लोगों के लिए आवागमन में बाधा और दुर्घटना की आशंका पैदा करते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से इस पर्व का आयोजन होता आ रहा है, फिर भी मुख्य मार्ग की साफ-सफाई और व्यवस्था को दुरुस्त करने की जरूरत पर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि क्या पंचायत प्रतिनिधियों और संबंधित प्रशासनिक पदाधिकारियों को इस समस्या की जानकारी नहीं है, या फिर जानबूझकर इसे नजरअंदाज किया जा रहा है।
ग्राम पंचायत धमौल के जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे गांव की बुनियादी समस्याओं पर ध्यान दें और त्योहारों के दौरान आम लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कदम उठाएं। स्थानीय स्तर पर इस समस्या का समाधान करने के लिए संबंधित अधिकारियों को सड़क का निरीक्षण कराकर करकट हटवाने तथा मार्ग को आवागमन के योग्य बनाने की दिशा में तत्काल पहल करनी चाहिए।
अब जरूरत है कि ग्राम पंचायत धमौल के जनप्रतिनिधि, पंचायत सचिव, संबंधित प्रखंड प्रशासन और अन्य जिम्मेदार पदाधिकारी इस समस्या को गंभीरता से लें। मुख्य मार्ग से करकट हटाने और सड़क की स्थिति सुधारने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि ग्रामीणों तथा श्रद्धालुओं को राहत मिल सके। दुर्गा पूजा सामाजिक एकता का प्रतीक है, ऐसे पवित्र अवसर पर बुनियादी समस्याओं की अनदेखी चिंताजनक है।
दुर्गा पूजा जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक त्योहार के दौरान जब श्रद्धालुओं और ग्रामीणों की आवाजाही बढ़ती है, तब सड़क पर बिखरे करकट लोगों के लिए आवागमन में बाधा और दुर्घटना की आशंका पैदा करते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से इस पर्व का आयोजन होता आ रहा है, फिर भी मुख्य मार्ग की साफ-सफाई और व्यवस्था को दुरुस्त करने की जरूरत पर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि क्या पंचायत प्रतिनिधियों और संबंधित प्रशासनिक पदाधिकारियों को इस समस्या की जानकारी नहीं है, या फिर जानबूझकर इसे नजरअंदाज किया जा रहा है।
ग्राम पंचायत धमौल के जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे गांव की बुनियादी समस्याओं पर ध्यान दें और त्योहारों के दौरान आम लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कदम उठाएं। स्थानीय स्तर पर इस समस्या का समाधान करने के लिए संबंधित अधिकारियों को सड़क का निरीक्षण कराकर करकट हटवाने तथा मार्ग को आवागमन के योग्य बनाने की दिशा में तत्काल पहल करनी चाहिए।
अब जरूरत है कि ग्राम पंचायत धमौल के जनप्रतिनिधि, पंचायत सचिव, संबंधित प्रखंड प्रशासन और अन्य जिम्मेदार पदाधिकारी इस समस्या को गंभीरता से लें। मुख्य मार्ग से करकट हटाने और सड़क की स्थिति सुधारने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि ग्रामीणों तथा श्रद्धालुओं को राहत मिल सके। दुर्गा पूजा सामाजिक एकता का प्रतीक है, ऐसे पवित्र अवसर पर बुनियादी समस्याओं की अनदेखी चिंताजनक है।