स्थानीय
दिल्ली‑NCR में प्रदूषण नियंत्रण के लिए जीआरएपी‑2 लागू, कोयला‑लकड़ी प्रतिबंध
वायु गुणवत्ता में गिरावट के बाद सीएक्यूएम ने तत्काल प्रभाव से जीआरएपी का दूसरा चरण लागू किया, जिसमें होटल‑रेस्टोरेंट में कोयले व लकड़ी के उपयोग पर प्रतिबंध, डीजल जनरेटर पर कड़ी पाबंदियां और निजी वाहनों के उपयोग को कम करने के उपाय शामिल हैं।
वायु गुणवत्ता में गिरावट के बाद राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के पर्यावरण प्रबंधन प्राधिकरण (सीएक्यूएम) ने तत्काल प्रभाव से जीआरएपी का दूसरा चरण लागू किया। इस कदम का उद्देश्य धुंधली हवा को साफ़ करना और प्रदूषण के स्तर को घटाना है।
होटल‑रेस्टोरेंट में कोयले और लकड़ी के उपयोग पर सख्त रोक लगाई गई है, तथा तंदूर को भी प्रतिबंध के दायरे में शामिल किया गया है। इसके साथ ही डीजल जनरेटर सेट के उपयोग पर कड़ी पाबंदियां लागू की गई हैं, जिससे औद्योगिक एवं घरेलू स्तर पर धुएँ का उत्सर्जन कम हो सके।
प्रदूषण घटाने के अतिरिक्त उपायों में निजी वाहनों के उपयोग को सीमित करने के लिए पार्किंग शुल्क में वृद्धि की जाएगी। यह कदम निजी कारों के चलने को हतोत्साहित कर सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को बढ़ावा देगा।
NCR की सड़कों पर मैकेनिकल स्वीपिंग को बढ़ाया जाएगा और धूल रोकने वाले पदार्थों के साथ पानी का छिड़काव भी अधिक頻率 से किया जाएगा, ताकि धूल के कण हवा में न उठें। इन सभी उपायों से दिल्ली‑NCR के निवासियों को स्वच्छ वायु प्रदान करने की आशा है।
होटल‑रेस्टोरेंट में कोयले और लकड़ी के उपयोग पर सख्त रोक लगाई गई है, तथा तंदूर को भी प्रतिबंध के दायरे में शामिल किया गया है। इसके साथ ही डीजल जनरेटर सेट के उपयोग पर कड़ी पाबंदियां लागू की गई हैं, जिससे औद्योगिक एवं घरेलू स्तर पर धुएँ का उत्सर्जन कम हो सके।
प्रदूषण घटाने के अतिरिक्त उपायों में निजी वाहनों के उपयोग को सीमित करने के लिए पार्किंग शुल्क में वृद्धि की जाएगी। यह कदम निजी कारों के चलने को हतोत्साहित कर सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को बढ़ावा देगा।
NCR की सड़कों पर मैकेनिकल स्वीपिंग को बढ़ाया जाएगा और धूल रोकने वाले पदार्थों के साथ पानी का छिड़काव भी अधिक頻率 से किया जाएगा, ताकि धूल के कण हवा में न उठें। इन सभी उपायों से दिल्ली‑NCR के निवासियों को स्वच्छ वायु प्रदान करने की आशा है।