Business
दिल्ली में निर्यातकों के लिए एक्सपोर्ट फैक्टरिंग सहायता में नई सुविधा
२० फरवरी २०२६ से लागू नई योजना के तहत निर्यातकों को यूआईएन की आवश्यकता नहीं रहेगी; आईईसी से पहचान कर सीधे बैंक खाते में सहायता राशि प्राप्त होगी।
डिल्ली में निर्यातकों को एक्सपोर्ट फैक्टरिंग सहायता के लिए अब यूआईएन (UIN) की आवश्यकता नहीं रहेगी। नई व्यवस्था के अनुसार, पहचान केवल इंटरनैशनल इकोनॉमिक कोड (IEC) से होगी और पात्र निर्यात पर २० फरवरी २०२६ से सहायता प्रदान की जाएगी।
एमएसएमई निर्यातक इस योजना के तहत फैक्टरिंग सहायता के साथ-साथ एक्सपोर्ट क्रेडिट ब्याज सब्सिडी दोनों का लाभ ले सकेंगे। हालांकि, एक ही इनवॉइस पर दोनों योजनाओं का दोहरा दावा नहीं किया जा सकेगा।
स्वीकृत सहायता राशि सीधे IEC से जुड़े बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी, जिससे प्रक्रिया में पारदर्शिता और गति दोनों बढ़ेगी।
एमएसएमई निर्यातक इस योजना के तहत फैक्टरिंग सहायता के साथ-साथ एक्सपोर्ट क्रेडिट ब्याज सब्सिडी दोनों का लाभ ले सकेंगे। हालांकि, एक ही इनवॉइस पर दोनों योजनाओं का दोहरा दावा नहीं किया जा सकेगा।
स्वीकृत सहायता राशि सीधे IEC से जुड़े बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी, जिससे प्रक्रिया में पारदर्शिता और गति दोनों बढ़ेगी।