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23 अक्टू. 2026•
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स्वास्थ्य

दलालों के द्वारा जबरदस्ती भारती के किए जाने और नॉर्मल बात कर दूसरे हॉस्पिटल जाने को यह हॉस्पिटल वालो की लापरवाही ओहै कहां पपरिजनों ने दर्ज की शिकायत सीएमएस में रात भर ईलाज नहीं याह घोर लापरवाही नहीं तो किया इसका कड़ी कार्रवाई होना चाहिए

✍️ रिपोर्टर: Sandesh Kumar Soni 🗓 23 अक्टू. 2026, 03:27 PM 👁 17
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छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक युवक की अचानक मृत्यु के बाद परिजनों ने अस्पतालों और डॉक्टरों की लापरवाही पर गंभीर शिकायत दर्ज की है। परिवार का दावा है कि प्लेटलेट काउंट 27 कम होने के बावजूद उन्हें समय पर उपचार नहीं मिला और न ही सही रिर्पोट नहीं बताया गया वंदना हॉस्पिटल उसलापुर

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक युवक की मृत्यु के बाद उसके परिवार ने स्थानीय अस्पतालों और डॉक्टरों की लापरवाही पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार के अनुसार, युवक के पिता को सामान्य बुखार होने पर वान्दना अस्पताल के एक दलाल ने उन्हें जबरदस्ती भर्ती करवा दिया। जब परिवार ने डॉक्टर से बात की, तो उन्हें बताया गया कि मरीज की स्थिति सामान्य है और उन्हें और खर्चा होने से बचने के लिए सीएमएस अस्पताल में ले जाने की सलाह दी गई। उस समय मरीज का प्लेटलेट काउंट 27 हजार था, लेकिन डॉक्टरों ने इसे कम मानकर गंभीरता नहीं ली और बिना किसी उचित उपचार के उन्हें छुट्टी कर दिया नॉर्मल बताकर वहा के दलाल जिसने मेरे पिता को यह भारती किया मेरे ना होने पर हॉस्पिटल में कोई भी आकार नही बताया कैसा है सिर्फ दलाल ने सीएमएस ले जाने को कहा नोर्मल बता के

मरीज को सीएमएस अस्पताल बिलासपुर में ले गए। वहां एमर्जेंसी विभाग में उन्हें आईसीयू ले जाने को कहा लगभग एक घंटे बाद भेज दिया गया आईसीयू में इलाज ढंग से न होने के कारण उनका तबीयत और बिगड़ गया वह बार-बार बाथरूम जाने का जीत कर रहा था उसको ले जाने को डॉक्टर बोलता था तो हम उसको चलाकर ले जाते थे और हाथ में जहां ग्लूकोस के डालने वाले जगह से खून निकलता था डॉक्टर को बोला फिर भी नहीं सुनता था
अगली सुबह जब डॉक्टर ने मरीज का जायजा लिया, तो उन्होंने स्थिति को गंभीर (सिरियस) बताया और कुछ टेटमेंट किया और उसके बाद उसका बीपी और गिर गया उसका बीपी ही नहीं आ रहा था
उसने बोला परिवार को दूसरे अस्पताल ले जाने की सलाह दे दी। डॉक्टर ने जिम्मेदारी परिवार की होगी। परिवार ने हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया और तुरंत डिस्चार्ज की मांग की। इसके बाद मरीज के जांघ से पेट तक एक पाइप लगाकर उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया।

परिवार ने मरीज को तृतीयक कृष्णा अस्पताल में ले गए, जहां उन्हें तीन दिनों तक उपचार दिया गया, लेकिन मरीज की मृत्यु हो गई। मृत्यु प्रमाण पत्र में कारण के रूप में तेज बुखार और मलेरिया के कारण लीवर और किडनी की फेलियर दर्ज किया गया है। परिवार का आरोप है कि वान्दना अस्पताल के दलालों और डॉक्टरों की लापरवाही के कारण मरीज का प्लेटलेट काउंट 27 हज़ार से गिरकर केवल 9 हज़ार रह गया था, जिसके कारण उनकी जान चली गई। पार कृष्णा हॉस्पिटल भी जिमेदार है उनके पास कुछ सुविधा नहीं है रे ए सोनोग्राफी अगर कुछ सब बाहर से करवाना पड़ता था और सीरियस मरीज को नींद का इंजेक्शन देकर उसकी जांच होता था इसमें वंदना हॉस्पिटल उसलापुर और सिम्स बिलासपुर के और कृष्णा हॉस्पिटल कड़ी इसमें जिसने लापरवाही की है उसे पर कड़ी कार्रवाई होना चाहिए
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