🔥 TRENDING Odisha Flood Alert Heavy Rain Hits Angul Odisha Schools Shut Due to Rains Modi Boosts India's Development AP HC Orders Probe Into Fake Sports Ce... Omicron RF.5 Found In Andhra Pradesh
29 Jul 2026
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
दुल्हिन बाजार में दस नंबर नहर सुखी
Agriculture

दुल्हिन बाजार में दस नंबर नहर सुखी

✍️ Reporter: Ankit Raj 🗓 27 Jul 2026, 10:08 PM 👁 17

सिंचाई के अभाव में 70% धान भूमि बंजर

पटना जिले के दुल्हिन बाजार प्रखंड स्थित दस नंबर नहर जुलाई-अगस्त जैसे खरीफ सीजन के सबसे महत्वपूर्ण महीनों में भी सूखी पड़ी है। नहर में पानी की जगह धूल उड़ रही है और दूर-दूर तक पानी की एक बूंद भी दिखाई नहीं दे रही। इससे क्षेत्र के किसानों के सामने धान की खेती का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

किसानों ने समय पर धान की खेती की तैयारी करते हुए खेतों की जुताई कर नर्सरी (बिचड़ा) तैयार कर ली थी। उम्मीद थी कि समय पर बारिश होगी या नहर में पानी छोड़ा जाएगा, जिससे धान की रोपनी हो सकेगी। लेकिन अब तक न तो पर्याप्त वर्षा हुई और न ही नहर में पानी पहुंचा। परिणामस्वरूप अधिकांश खेत बंजर पड़े हैं और किसानों की मेहनत तथा लागत दोनों पर संकट मंडरा रहा है।

धान की नर्सरी को बचाने के लिए किसान निजी बोरिंग से सिंचाई कर रहे हैं, लेकिन लगातार सिंचाई करना बेहद महंगा साबित हो रहा है। जिन किसानों के पास बोरिंग की सुविधा नहीं है, वे पूरी तरह असहाय हैं। वहीं बड़की खड़वा, कुकरी बिगहा, ऐनखां, भिमनी चक और हरपुरा सहित कई गांवों में लगातार बोरिंग चलने से भूजल स्तर काफी नीचे चला गया है। इसका असर पेयजल पर भी पड़ा है। कई चापाकल सूख चुके हैं, जबकि जो चल रहे हैं, उनका पानी भी पर्याप्त नहीं निकल रहा।

कृषि विभाग के अनुमान के अनुसार अब तक दुल्हिन बाजार प्रखंड की केवल 30 प्रतिशत कृषि भूमि पर ही धान की रोपनी हो सकी है। शेष 70 प्रतिशत भूमि पानी के अभाव में खाली पड़ी है। यदि जल्द बारिश नहीं हुई या नहर में पानी नहीं छोड़ा गया, तो किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

खड़वा गांव के किसान कमल किशोर शर्मा ने कहा कि कभी धान का कटोरा कहलाने वाला दुल्हिन बाजार क्षेत्र आज अपनी पहचान खोता जा रहा है। उनका आरोप है कि दस नंबर नहर में वर्षों से गाद जमी हुई है, जिसके कारण पानी का प्रवाह बाधित है। कई सरकारें आईं और गईं, लेकिन नहर की सफाई और मरम्मत की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई।

अलीपुर निवासी किसान दीनानाथ ने बताया कि छोटे किसानों को प्रति कट्ठा ₹50 देकर पटवन कराना पड़ रहा है। यदि नहर में समय पर पानी उपलब्ध होता, तो किसानों की लागत कम होती और क्षेत्र की कृषि समृद्ध होती। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से नहर की अविलंब सफाई, पानी की आपूर्ति तथा किसानों के लिए राहत उपाय लागू करने की मांग की है।
📲Get App