राजनीति
दुल्हिन बाजार में भूमिहीनों का दो दिवसीय अनशन शुरू
सैकड़ों लोगों ने आवास और जमीन की मांग को लेकर किया प्रदर्शन
स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर पटना जिले के दुल्हिन बाजार प्रखंड मुख्यालय परिसर में अखिल भारतीय खेत मजदूर सभा (खेमस) की ओर से गुरुवार को दो दिवसीय अनशन सत्याग्रह शुरू किया गया। कार्यक्रम में खेमस के कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर सरकार की कथित जनविरोधी नीतियों, भूमिहीन गरीबों पर दमनात्मक कार्रवाई और प्रशासन के मनमाने रवैये के खिलाफ आवाज बुलंद की।
खेमस नेत्री आशा देवी ने कहा कि भूमिहीन गरीब परिवार लंबे समय से आवास और जीवन-यापन की बुनियादी जरूरतों के लिए जमीन उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं। संगठन की प्रमुख मांगों में प्रत्येक भूमिहीन परिवार को पांच डिसमिल जमीन उपलब्ध कराना शामिल है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार गरीबों की इस मांग पर गंभीरता से पहल नहीं कर रही है। इसी के विरोध में राज्यव्यापी अनशन एवं सत्याग्रह का आयोजन किया गया है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से भूमिहीन गरीबों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने की मांग की।
खेमस नेता मंगल प्रसाद यादव ने कहा कि विभिन्न मामलों में भूमिहीन गरीबों के खिलाफ दमनात्मक कार्रवाई की जा रही है। समस्याओं का समाधान करने के बजाय प्रशासनिक स्तर पर मनमाना रवैया अपनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन्हीं मुद्दों को लेकर प्रखंड मुख्यालय परिसर में अनशन के माध्यम से सरकार और प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अनशन 14 अगस्त तक जारी रहेगा।
भाकपा माले के प्रखंड सचिव अमरसेन ने पुलिस-प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि स्थानीय पुलिस की मौजूदगी में दुल्हिन बाजार के सेलहौरी गांव के दबंगों ने महिलाओं के साथ मारपीट की, लेकिन कार्रवाई करने के बजाय पुलिस मूकदर्शक बनी रही। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के कार्यकाल में अराजकता का माहौल उत्पन्न हो गया है। सत्याग्रह के माध्यम से गरीबों को न्याय और उनकी जमीन संबंधी मांगों को पूरा करने की मांग की गई।
खेमस नेत्री आशा देवी ने कहा कि भूमिहीन गरीब परिवार लंबे समय से आवास और जीवन-यापन की बुनियादी जरूरतों के लिए जमीन उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं। संगठन की प्रमुख मांगों में प्रत्येक भूमिहीन परिवार को पांच डिसमिल जमीन उपलब्ध कराना शामिल है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार गरीबों की इस मांग पर गंभीरता से पहल नहीं कर रही है। इसी के विरोध में राज्यव्यापी अनशन एवं सत्याग्रह का आयोजन किया गया है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से भूमिहीन गरीबों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने की मांग की।
खेमस नेता मंगल प्रसाद यादव ने कहा कि विभिन्न मामलों में भूमिहीन गरीबों के खिलाफ दमनात्मक कार्रवाई की जा रही है। समस्याओं का समाधान करने के बजाय प्रशासनिक स्तर पर मनमाना रवैया अपनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन्हीं मुद्दों को लेकर प्रखंड मुख्यालय परिसर में अनशन के माध्यम से सरकार और प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अनशन 14 अगस्त तक जारी रहेगा।
भाकपा माले के प्रखंड सचिव अमरसेन ने पुलिस-प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि स्थानीय पुलिस की मौजूदगी में दुल्हिन बाजार के सेलहौरी गांव के दबंगों ने महिलाओं के साथ मारपीट की, लेकिन कार्रवाई करने के बजाय पुलिस मूकदर्शक बनी रही। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के कार्यकाल में अराजकता का माहौल उत्पन्न हो गया है। सत्याग्रह के माध्यम से गरीबों को न्याय और उनकी जमीन संबंधी मांगों को पूरा करने की मांग की गई।