📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Mohit Jhanjhotia
बिज़नेस
TERI अध्ययन ने तय किया भारत का पहला हाइड्रोजन‑डीआरआई स्टील हब आंध्र प्रदेश में
✍️ Global Agriculture
🗓 06 अक्टू. 2026, 08:17 AM
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TERI-Transition Asia के अध्ययन ने भारत के पहले हाइड्रोजन‑आधारित डीआरआई स्टील प्लांट की स्थापना के लिए रोडमैप तैयार किया है, जिसमें तकनीकी, वित्तीय और नीति मील के पत्थर शामिल हैं।
TERI-Transition Asia द्वारा जारी अध्ययन भारत के पहले हाइड्रोजन‑आधारित डीआरआई स्टील प्लांट की स्थापना के लिए विस्तृत मार्गदर्शिका प्रस्तुत करता है। इस योजना में आंध्र प्रदेश को रणनीतिक स्थान के रूप में चुना गया है, क्योंकि यहाँ कोयले और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों की उपलब्धता अधिक है।
रोडमैप में 10 मेगावाट के इलेक्ट्रोलाइज़र और 5 मेगावाट के हाइड्रोजन पाइपलाइन जैसी प्रमुख तकनीकी आवश्यकताओं को दर्शाया गया है, तथा अनुमानित पूंजी लागत लगभग ₹12,000 करोड़ बताई गई है।
नीति सिफारिशों में हाइड्रोजन उत्पादन के लिए प्रोत्साहन और निजी निवेश को आकर्षित करने हेतु अनुमोदन प्रक्रिया को सरल बनाने की बात शामिल है। अध्ययन ने स्थानीय कार्यबल विकास और पर्यावरणीय सुरक्षा पर भी जोर दिया है।
उद्योग के प्रमुख खिलाड़ियों ने इस रिपोर्ट का स्वागत किया है, यह बताते हुए कि एक हाइड्रोजन‑डीआरआई हब भारत को कम‑कार्बन स्टील उत्पादन में वैश्विक नेता बना सकता है और देश के नेट‑ज़ीरो लक्ष्यों को आगे बढ़ा सकता है।
रोडमैप में 10 मेगावाट के इलेक्ट्रोलाइज़र और 5 मेगावाट के हाइड्रोजन पाइपलाइन जैसी प्रमुख तकनीकी आवश्यकताओं को दर्शाया गया है, तथा अनुमानित पूंजी लागत लगभग ₹12,000 करोड़ बताई गई है।
नीति सिफारिशों में हाइड्रोजन उत्पादन के लिए प्रोत्साहन और निजी निवेश को आकर्षित करने हेतु अनुमोदन प्रक्रिया को सरल बनाने की बात शामिल है। अध्ययन ने स्थानीय कार्यबल विकास और पर्यावरणीय सुरक्षा पर भी जोर दिया है।
उद्योग के प्रमुख खिलाड़ियों ने इस रिपोर्ट का स्वागत किया है, यह बताते हुए कि एक हाइड्रोजन‑डीआरआई हब भारत को कम‑कार्बन स्टील उत्पादन में वैश्विक नेता बना सकता है और देश के नेट‑ज़ीरो लक्ष्यों को आगे बढ़ा सकता है।