📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Adbh266
शिक्षा
तेलंगाना के स्कूलों ने इंटरनेट कनेक्टिविटी में अंतर कम किया, पर अभी भी आंध्र प्रदेश व तमिलनाडु से पीछे
✍️ The Times of India
🗓 07 सित. 2026, 03:37 AM
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तेलंगाना ने स्कूलों में डिजिटल अंतर को कम किया है, पर आँकड़े दर्शाते हैं कि वह अभी भी आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु से पीछे है।
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, तेलंगाना के शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों में ब्रॉडबैंड पहुंच बढ़ाने के कई कदम उठाए हैं, जिससे दूरस्थ शिक्षा में बाधा डालने वाला डिजिटल अंतर कम हुआ है। वाई‑फ़ाई राउटर की तैनाती और टेलीकॉम कंपनियों के साथ साझेदारी से कई कक्षाओं को पहली बार ऑनलाइन कनेक्शन मिला है।
इन प्रगति के बावजूद, तुलनात्मक सर्वेक्षण दर्शाते हैं कि तेलंगाना में विश्वसनीय इंटरनेट वाले स्कूलों का प्रतिशत अभी भी आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु से कम है, जहाँ राज्यव्यापी कनेक्टिविटी योजनाओं ने अधिक व्यापक कवरेज हासिल किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि बुनियादी ढांचे की कमी और असमान फंडिंग कई जिलों में नेटवर्क की गति और स्थिरता को सीमित करती है।
राज्य के अधिकारियों ने इस अंतर को स्वीकार किया है और ग्रामीण स्कूलों में बैकबोन लिंक को अपग्रेड करने तथा कवरेज बढ़ाने के लिए अतिरिक्त निवेश का वादा किया है। उनका लक्ष्य अगले वित्तीय वर्ष के अंत तक तेलंगाना की स्कूल इंटरनेट पैठ को दक्षिणी अग्रणी राज्यों के बराबर लाना है।
इन प्रगति के बावजूद, तुलनात्मक सर्वेक्षण दर्शाते हैं कि तेलंगाना में विश्वसनीय इंटरनेट वाले स्कूलों का प्रतिशत अभी भी आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु से कम है, जहाँ राज्यव्यापी कनेक्टिविटी योजनाओं ने अधिक व्यापक कवरेज हासिल किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि बुनियादी ढांचे की कमी और असमान फंडिंग कई जिलों में नेटवर्क की गति और स्थिरता को सीमित करती है।
राज्य के अधिकारियों ने इस अंतर को स्वीकार किया है और ग्रामीण स्कूलों में बैकबोन लिंक को अपग्रेड करने तथा कवरेज बढ़ाने के लिए अतिरिक्त निवेश का वादा किया है। उनका लक्ष्य अगले वित्तीय वर्ष के अंत तक तेलंगाना की स्कूल इंटरनेट पैठ को दक्षिणी अग्रणी राज्यों के बराबर लाना है।