📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Mpamidimarthi
देश
तेलंगाना में बैंक अधिकारी के माता‑पिता को बेटे की मौत के नौ साल बाद 60.34 लाख रुपये का मुआवजा
✍️ The New Indian Express
🗓 08 नव. 2026, 06:01 AM
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तेलंगाना के एक बैंक कर्मचारी के माता‑पिता को उनके बेटे की मौत के नौ साल बाद 60.34 लाख रुपये का मुआवजा दिया गया है।
तेलंगाना राज्य सरकार ने एक बैंक अधिकारी के माता‑पिता को, जिनके बेटे की नौ साल पहले मृत्यु हुई थी, 60.34 लाख रुपये का मुआवजा मंजूर किया है। यह निर्णय कई सालों तक चलती कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया के बाद आया। अधिकारियों ने बताया कि यह राशि परिवार को आर्थिक राहत देने और लंबी चल रही शिकायत को समाप्त करने के उद्देश्य से है।
मृतक बैंक में क्लर्क के पद पर कार्यरत थे और वह परिवार का एकल बालक था। उनकी मृत्यु के बाद परिवार बिना आय के रह गया। वर्षों में माता‑पिता ने विभिन्न माध्यमों से न्याय और मुआवजा पाने की कोशिश की।
मुआवजा तेलंगाना राज्य मुआवजा प्राधिकरण ने स्वीकृत किया, जिसने मामले की जाँच और परिवार के आर्थिक नुकसान को ध्यान में रखा। यह राशि दुर्घटना या अकाली मृत्यु से प्रभावित परिवारों को वित्तीय सहायता प्रदान करने की सरकारी नीति को दर्शाती है। स्थानीय अधिकारियों की उपस्थिति में एक औपचारिक समारोह में यह रकम दी गई।
भुगतान के बाद परिवार ने इस समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया और कहा कि यह लंबे समय से चल रहे दर्द को कुछ हद तक कम करता है। यह मामला भारत में पीड़ित परिवारों को मुआवजा प्राप्त करने में आने वाली नौकरशाही बाधाओं को उजागर करता है।
मृतक बैंक में क्लर्क के पद पर कार्यरत थे और वह परिवार का एकल बालक था। उनकी मृत्यु के बाद परिवार बिना आय के रह गया। वर्षों में माता‑पिता ने विभिन्न माध्यमों से न्याय और मुआवजा पाने की कोशिश की।
मुआवजा तेलंगाना राज्य मुआवजा प्राधिकरण ने स्वीकृत किया, जिसने मामले की जाँच और परिवार के आर्थिक नुकसान को ध्यान में रखा। यह राशि दुर्घटना या अकाली मृत्यु से प्रभावित परिवारों को वित्तीय सहायता प्रदान करने की सरकारी नीति को दर्शाती है। स्थानीय अधिकारियों की उपस्थिति में एक औपचारिक समारोह में यह रकम दी गई।
भुगतान के बाद परिवार ने इस समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया और कहा कि यह लंबे समय से चल रहे दर्द को कुछ हद तक कम करता है। यह मामला भारत में पीड़ित परिवारों को मुआवजा प्राप्त करने में आने वाली नौकरशाही बाधाओं को उजागर करता है।