📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Mohammad Anees Qamar
राजनीति
तेलंगाना सरकार ने ईईएसएल प्रस्ताव के बावजूद स्ट्रीटलाइट परियोजनाओं के लिए निजी कंपनियों पर विचार किया
✍️ Telangana Today
🗓 21 सित. 2026, 04:39 AM
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तेलंगाना सरकार स्ट्रीटलाइट की स्थापना‑रखरखाव के लिए निजी एजेंसियों को शामिल करने की संभावना देख रही है, जबकि ईईएसएल ने अपना प्रस्ताव दिया है।
हैदराबाद, तेलंगाना – राज्य सरकार स्ट्रीटलाइट की स्थापना और रखरखाव के लिए निजी एजेंसियों को शामिल करने की संभावना का मूल्यांकन कर रही है, जबकि ऊर्जा दक्षता सेवाएँ लिमिटेड (ईईएसएल) ने अपना प्रस्ताव प्रस्तुत किया है। ईईएसएल, जो बड़े ऊर्जा प्रोजेक्ट्स में अनुभवी सार्वजनिक क्षेत्र की इकाई है, के प्रस्ताव के बावजूद यह कदम उठाया गया है।
राज्य ऊर्जा विभाग के सूत्रों के अनुसार, निजी क्षेत्र को शामिल करने से वित्तीय मॉडल में लचीलापन और LED स्ट्रीटलाइट की तेज़ी से तैनाती संभव हो सकती है, चाहे वह शहरी हो या ग्रामीण। चयन मानदंड और समय‑सीमा अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है।
ईईएसएल का प्रस्ताव, जिसमें खरीद, स्थापना और रखरखाव का टर्नकी समाधान शामिल है, अभी भी समीक्षा के चरण में है। सरकार द्वारा निजी एजेंसियों को साथ‑साथ देखना दर्शाता है कि वह ऊर्जा बचत लक्ष्य और बजट प्रतिबंधों को संतुलित करने के लिए कई विकल्पों को खुला रख रही है।
लाइटिंग उद्योग के प्रतिनिधियों का मानना है कि प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया नई तकनीक और लागत‑प्रभावशीलता ला सकती है, परंतु गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट दिशा‑निर्देश आवश्यक होंगे।
इस चर्चा का परिणाम तेलंगाना में सार्वजनिक‑निजी साझेदारी के मॉडल को निर्धारित करेगा और अन्य राज्यों के लिए भी स्ट्रीटलाइट नेटवर्क के आधुनिकीकरण में एक उदाहरण स्थापित कर सकता है।
राज्य ऊर्जा विभाग के सूत्रों के अनुसार, निजी क्षेत्र को शामिल करने से वित्तीय मॉडल में लचीलापन और LED स्ट्रीटलाइट की तेज़ी से तैनाती संभव हो सकती है, चाहे वह शहरी हो या ग्रामीण। चयन मानदंड और समय‑सीमा अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है।
ईईएसएल का प्रस्ताव, जिसमें खरीद, स्थापना और रखरखाव का टर्नकी समाधान शामिल है, अभी भी समीक्षा के चरण में है। सरकार द्वारा निजी एजेंसियों को साथ‑साथ देखना दर्शाता है कि वह ऊर्जा बचत लक्ष्य और बजट प्रतिबंधों को संतुलित करने के लिए कई विकल्पों को खुला रख रही है।
लाइटिंग उद्योग के प्रतिनिधियों का मानना है कि प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया नई तकनीक और लागत‑प्रभावशीलता ला सकती है, परंतु गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट दिशा‑निर्देश आवश्यक होंगे।
इस चर्चा का परिणाम तेलंगाना में सार्वजनिक‑निजी साझेदारी के मॉडल को निर्धारित करेगा और अन्य राज्यों के लिए भी स्ट्रीटलाइट नेटवर्क के आधुनिकीकरण में एक उदाहरण स्थापित कर सकता है।